फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   1153 farmers died in Uttar Pradesh.

यूपी: 1153 किसानों की मौत, जांच के आदेश

Sat, 25 Apr 2015 09:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 25 Apr 2015 09:28 AM IST
विज्ञापन
1153 farmers died in Uttar Pradesh.

बेमौसम बारिश व ओलों से प्रभावित जिलों में फरवरी से अप्रैल के बीच दैवी आपदा से जुड़े कारणों से हटकर आत्महत्या, हार्ट अटैक सहित विभिन्न वजहों से मरने वाले किसानों की तादाद 1153 पहुंच गई है।

विज्ञापन


मुख्य सचिव आलोक रंजन ने जिलाधिकारियों को ऐसी सभी मौतों से जुड़े कारणों का परीक्षण कर सीएम राहत कोष से आर्थिक सहायता की सिफारिश करने को कहा है।

बताते चलें, बेमौसम बारिश व ओलों से प्रभावित 23 जिलों में फरवरी से अप्रैल के बीच 80 लोगों की मौत दैवी आपदा से जुड़े कारणों जैसे आकाशीय बिजली गिरने, घर व दीवाल गिरने, पेड़ से दबने से हुई थी।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऐसे हर पीड़ित परिवार को सात लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। इसके अलावा फसलें बर्बाद होने से सदमे व आत्महत्या जैसे विभिन्न कारणों से बड़े पैमाने पर किसानों की मौतों की बात सामने आई। शासन ने ऐसी सूचनाओं की जानकारी जुटाई तो 57 जिलों में 1153 जनहानि की सूचनाएं मिलीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कई ऐसी मौतें शामिल जो किसान थे ही नहीं

1153 farmers died in Uttar Pradesh.

राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन 1153 मौतों में लंबे समय से बीमारी व कई सामान्य मौतें भी शामिल हैं। कई ऐसी भी मौतें शामिल कर ली गईं जो किसान थे ही नहीं।

इसके बाद जिलाधिकारियों से ऐसी सभी 1153 मौतों का परीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। जिलाधिकारी देखेंगे कि इनमें कौन-कौन किसान थे, कौन-कौन गरीब थे और वास्तव में किन-किन की फसलों की बर्बादी से मौत हुई?

जिलाधिकारी इसका परीक्षण कर आर्थिक सहायता की सिफारिश करेंगे। ऐसे जितने भी मामले सामने आए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने ऐसे पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता देने का ऐलान किया है।

मामले पर मुख्य सचिव आलोक रंजन का कहना है कि 57 जिलों में दैवी आपदा से हटकर करीब 1153 जनहानि की सूचनाएं मिली हैं। जिलाधिकारियों को इसके परीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे मामलों के परीक्षण के बाद जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता देने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed