{"_id":"5ace43524f1c1b613e8b4ab7","slug":"11523467090-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाइटेंशन लाइन टूटने से सात उपकेंद्र व कई फीडर बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाइटेंशन लाइन टूटने से सात उपकेंद्र व कई फीडर बंद
Updated Wed, 11 Apr 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
हाइटेंशन लाइन टूटने से सात उपकेंद्र व कई फीडर बंद
सुल्तानपुर। आंधी व बारिश के दौरान बुधवार को जिले में करीब डेढ़ सौ पोल व तार टूटकर गिर गए। हाईटेंशन लाइन टूटने से सात उपकेंद्र व कई फीडर बंद हो गए।
शाम तक चले कार्य में वितरण खंड ने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के उपकेंद्रों को चालू करने का दावा किया है।
मगर फीडरों को चालू करने का अभी कार्य चल रहा है। आंधी में वितरण खंड को करीब 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बुधवार को अचानक आई आंधी व बारिश से सर्वाधिक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। आंधी में करीब 150 विद्युत पोल व तार क्षतिग्रस्त हो गए।
शहर का डाकखाना, कूरेभार, धनपतगंज, चांदा, लंभुआ समेत सात उपकेंद्र बंद हो गए। तार व पोल टूटने व गिरने से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के कई उपकेंद्र ठप हो गए।
आंधी से करीब 250 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वितरण खंड ने आंधी से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।
आंधी से प्रभावित क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए वितरण खंड ने दोपहर बाद कार्य शुरू कराया। शाम तक वितरण खंड ने बंद उपकेंद्रों को चालू करने का दावा किया है।
अधिशाषी अभियंता प्रथम बालकृष्ण प्रजापति ने बताया कि, 33 हजार वोल्ट की लाइनों को ठीक करके उपकेंद्रों को चालू कर दिया गया है।
11 हजार वोल्ट की लाइनों को दुरुस्त करके फीडरों को चालू करने का कार्य चल रहा है। आंधी में करीब 25 लाख रुपये की क्षति हुई है। फीडरों को चालू करने के बाद छोटी लाइनों का कार्य कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। आंधी व बारिश के दौरान बुधवार को जिले में करीब डेढ़ सौ पोल व तार टूटकर गिर गए। हाईटेंशन लाइन टूटने से सात उपकेंद्र व कई फीडर बंद हो गए।
शाम तक चले कार्य में वितरण खंड ने शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के उपकेंद्रों को चालू करने का दावा किया है।
मगर फीडरों को चालू करने का अभी कार्य चल रहा है। आंधी में वितरण खंड को करीब 25 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बुधवार को अचानक आई आंधी व बारिश से सर्वाधिक असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा है। आंधी में करीब 150 विद्युत पोल व तार क्षतिग्रस्त हो गए।
शहर का डाकखाना, कूरेभार, धनपतगंज, चांदा, लंभुआ समेत सात उपकेंद्र बंद हो गए। तार व पोल टूटने व गिरने से शहर समेत ग्रामीण क्षेत्रों के कई उपकेंद्र ठप हो गए।
आंधी से करीब 250 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। वितरण खंड ने आंधी से हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है।
आंधी से प्रभावित क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए वितरण खंड ने दोपहर बाद कार्य शुरू कराया। शाम तक वितरण खंड ने बंद उपकेंद्रों को चालू करने का दावा किया है।
विज्ञापन
अधिशाषी अभियंता प्रथम बालकृष्ण प्रजापति ने बताया कि, 33 हजार वोल्ट की लाइनों को ठीक करके उपकेंद्रों को चालू कर दिया गया है।
11 हजार वोल्ट की लाइनों को दुरुस्त करके फीडरों को चालू करने का कार्य चल रहा है। आंधी में करीब 25 लाख रुपये की क्षति हुई है। फीडरों को चालू करने के बाद छोटी लाइनों का कार्य कराया जाएगा।
विज्ञापन