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अफसरों की नाकामी से 235 करोड़ का बजट सरेंडर

Sat, 31 Mar 2018 11:48 PM IST
Updated Sat, 31 Mar 2018 11:48 PM IST
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अफसरों की नाकामी से 235 करोड़ का बजट सरेंडर
अफसरों की नाकामी से 235 करोड़ का बजट सरेंडर
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बाराबंकी। विकास कार्यों व योजनाओं के लिए मिले बजट के 235 करोड़ 85 लाख की धनराशि जिले के 13 मुख्य विभाग खर्च नहीं सकें। ऐसे में वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शेष धनराशि को सरेंडर कर दिया गया।

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शनिवार को सुबह से देर शाम तक कोषागार के कार्यालय में अधिकारियों व कर्मचारियों की भीड़ जमा रही।

देर शाम ट्रेजरी पहुंचे जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने खर्च व सरेंडर हुई धनराशि के बारे में जानकारी ली। वहीं, कोषागार अधिकारी ने 95 प्रतिशत बजट का उपभोग करने का दावा किया है।
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प्रदेश सरकार ने जिले में विकास कार्य कराने और योजनाओं का लाभ पात्रों को देने के लिए विभागों को अरबों रुपये का बजट उपलब्ध कराया था।

बजट मिलने के बाद विभागों ने पात्रों का चयन कर शहर से गांवों तक विकास कार्य कराने के लिए खाका तैयार कर अमलीजामा पहनाया।

मगर इसके बाद भी 13 विभाग 235 करोड़ 85 लाख रुपये बजट खर्च नहीं कर सके। कागजी कार्रवाई पूरी कराते हुए योजनाओं व विकास कार्यों का शेष बजट शनिवार देर शाम शासन को सरेंडर कर दिया गया।
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देर शाम जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने कोषागार पहुंचकर वित्तीय कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य कोषागार अधिकारी मनोज तिवारी से भुगतान व शेष बजट के संबंध में पूछताछ की। डीएम ने काफी देर तक कार्यालय में रुके और ट्रेजरी के कर्मचारियों के कार्य की सराहना की।

कई विभाग के अधिकारी शनिवार को ट्रेजरी पहुंचकर बिल पास कराने के लिए जी-हजूरी करते देखे गए। हालांकि ट्रेजरी के अधिकारी अंतिम समय तक बिलों को पास करने में जुटे रहे। कुछ विभागों को देर शाम अचानक बजट आने की भनक लगते ही अफसरों ने ट्रेजरी पहुंचकर बिलों को पास कराया।

वरिष्ठ कोषागार अधिकारी मनोज कुमार तिवारी ने बताया कि, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 95 प्रतिशत बजट का उपभोग कर लिया गया है। करीब एक दर्जन विभाग ऐसे हैं जो देर से बजट मिलने से पूरा खर्च नहीं कर सके और शेष बजट को सरेंडर कर दिया।


सोशल सेेक्टर के अंतर्गत आने वाले समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक व विकलांग कल्याण विभाग का करीब 20 करोड़ रुपये बजट सरेंडर कर दिया गया। इनमें समाज कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना के 26 लाख, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के 72.80 लाख व अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की शादी अनुदान योजना के 39 लाख 40 हजार रुपये शामिल हैं।
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