{"_id":"597396c94f1c1b39138b4682","slug":"111500747465-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेज एक की खबर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेज एक की खबर
Updated Sat, 22 Jul 2017 11:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएचसी गेट पर ग्रामीण की मौत
- इलाज नहीं मिलने का आरोप
त्रिवेदीगंज (बाराबंकी) । लोनीकटरा के रुकनापुर गांव से बीमारी के इलाज के लिए पहुंचे ग्रामीण की सीएचसी गेट पर मौत हो गई। अस्पताल से मिली दवा खाते ही बीमारी बढ़ने की जानकारी पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया। नाराज तीमारदारों व स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में वार्ता कराके मामले को शांत किया।
शनिवार को दिन में रुकनापुर गांव के रामदेव (50) अपने छोटे पुत्र रिषि कुमार के साथ सीएचसी पर दवा लेने गए थे। चिकित्सीय शुल्क एक रुपया जमा कर ओपीडी के डॉक्टर को अपनी बीमारी बताई। डाक्टर के परामर्श पर हास्पिटल से दवा लेकर परिसर में रखी बेंच पर बैठ कर जैसे ही दवा खाकर पानी पिया उसका दर्द पहले से कई गुना बढ़ गया। साथ मौजूद पुत्र ने तत्काल ओपीडी के डॉक्टर को जानकारी दी लेकिन कोई डॉक्टर बाहर नहीं निकला और मरीज की दर्द से तड़प कर मौत हो गई। इससे आक्रोशित लोगों ने मृतक के पुत्र के साथ चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डॉक्टर व तीमारदारों की वार्ता करा कर मामले का शांत कराया जिससे मृतक के परिवारीजनों ने कोई शिकायत नहीं की है।
विज्ञापन
- इलाज नहीं मिलने का आरोप
त्रिवेदीगंज (बाराबंकी) । लोनीकटरा के रुकनापुर गांव से बीमारी के इलाज के लिए पहुंचे ग्रामीण की सीएचसी गेट पर मौत हो गई। अस्पताल से मिली दवा खाते ही बीमारी बढ़ने की जानकारी पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया। नाराज तीमारदारों व स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में वार्ता कराके मामले को शांत किया।
शनिवार को दिन में रुकनापुर गांव के रामदेव (50) अपने छोटे पुत्र रिषि कुमार के साथ सीएचसी पर दवा लेने गए थे। चिकित्सीय शुल्क एक रुपया जमा कर ओपीडी के डॉक्टर को अपनी बीमारी बताई। डाक्टर के परामर्श पर हास्पिटल से दवा लेकर परिसर में रखी बेंच पर बैठ कर जैसे ही दवा खाकर पानी पिया उसका दर्द पहले से कई गुना बढ़ गया। साथ मौजूद पुत्र ने तत्काल ओपीडी के डॉक्टर को जानकारी दी लेकिन कोई डॉक्टर बाहर नहीं निकला और मरीज की दर्द से तड़प कर मौत हो गई। इससे आक्रोशित लोगों ने मृतक के पुत्र के साथ चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डॉक्टर व तीमारदारों की वार्ता करा कर मामले का शांत कराया जिससे मृतक के परिवारीजनों ने कोई शिकायत नहीं की है।
विज्ञापन