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11 प्रशिक्षु जजों पर गिरी अखिलेश की गाज, बर्खास्त

Sun, 21 Sep 2014 10:55 AM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 21 Sep 2014 10:55 AM IST
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11 judge have been suspended.

सार्वजनिक स्थान पर शराब पीकर मारपीट करने करने वाले 11 प्रशिक्षु न्यायिक अफसरों को राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने सरकार से इनकी बर्खास्तगी की सिफारिश की थी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के अनुमोदन के बाद नियुक्ति विभाग ने न्यायिक अफसरों की बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए।

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गौरतलब है कि 15 सितंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फुलकोर्ट मीटिंग में सर्वसम्मति से इन प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों को सेवा से हटाने का फैसला करते हुए राज्य सरकार से इन्हें बर्खास्त करने की सिफारिश की थी। हालांकि सरकार पर इन्हें बर्खास्त न करने का भारी दबाव था।
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सरकार ने कानूनी विशेषज्ञों की राय लेने के साथ-साथ यह भी परीक्षण कराया कि पूर्व में क्या इस तरह का कोई ऐसा प्रकरण हुआ है जिसमें हाईकोर्ट की सिफारिश के बावजूद सरकार की ओर से राहत दी गई हो।
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फिलहाल ऐसा कोई प्रकरण सामने नहीं आया जिसके बाद मुख्यमंत्री ने बर्खास्तगी के प्रस्ताव को अनुमोदन दे दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के आधिकारिक सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नियुक्ति विभाग ने बर्खास्तगी के आदेश भी जारी कर दिए हैं।

इसलिए किए गए बर्खास्त

11 judge have been suspended.

दोषी पाए गए सभी अफसर पीसीएस (जे) 2012 बैच के हैं और लखनऊ स्थित न्यायिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (जेटीआरआई) में प्रशिक्षण ले रहे थे। पिछले 8 सितंबर को इनके प्रशिक्षण का आखिरी दिन था।

इससे एक दिन पहले फेयरवेल का कार्यक्रम संस्थान में ही रखा गया था, पर कुछ प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारी इसमें शामिल होने के बजाय फैजाबाद रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में पार्टी करने पहुंच गए।

वहां शराब पीने के बाद न्यायिक अधिकारियों के दो गुटों में झगड़ा हो गया। संस्थान वापस पहुंचने पर फिर झगड़ा हुआ। इस घटना की जानकारी हाईकोर्ट तक पहुंची तो जांच बैठा दी गई। हालांकि जांच रिपोर्ट में सभी तथ्य सामने नहीं आए।

शिकायत पर दोबारा जांच कराई गई। रेस्टोरेंट में मारपीट की सीसीटीवी फुटेज फुलकोर्ट में दिखाई गई। इसके बाद जजों ने 11 प्रशिक्षु न्यायिक अधिकारियों को सेवा से हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया और सरकार से इसकी सिफारिश कर दी।

देखें, कौन हैं बर्खास्त होने वाले

11 judge have been suspended.

फुलकोर्ट मीटिंग में इस घटना के सही तथ्यों को सामने न लाने पर जेटीआरआई के तीन अपर निदेशकों अनुपम गोयल को पड़रौना, राजीव भारती को देवरिया और अजय कुमार को मऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर स्थानांतरित कर दिया गया था।

इन न्यायिक अफसरों की हुई बर्खास्तगी
जिन 11 न्यायिक अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है, उनमें आजमगढ़ के आशुतोष त्रिपाठी और अखिलेश कुमार शर्मा, महराजगंज के आशाराम पांडेय, लखीमपुर खीरी के अश्वनी पवार, पीलीभीत के विनीत कुमार, फैजाबाद के सुधीर मिश्रा, कन्नौज के संदीप सिंह, फीरोजाबाद के राहुल सिंह, फतेहपुर के क्षितिज पांडेय, बहराइच के भानु प्रताप सिंह और गाजीपुर के रवि कुमार सागर शामिल हैं।

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