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रफ्ता-रफ्ता बदल रही 100 साल पुरानी लखनवी रामलीला
आशुतोष मिश्र/लखनऊ
Updated Sat, 21 Sep 2013 01:59 AM IST
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राम लछिमन जानकी जै बोलो हनुमान की.., हे राम तुम्हारे कहने से मैं लंकापुरी को जाता हूं आने-जाने में देर नहीं सीता का पता लगाता हूं..।
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धनुष बाण की टंकार और मंच पर पैर पटकते हुंकारों से भरे फिजा में गूंजते संवादों के बीच नगर में रामलीलाओं के रिहर्सल ने जोर पकड़ा है।
रामलीला समितियों में किरदार तय किये जाने लगे हैं, किरदार रिहर्सल में जुट रहे हैं और मंच पंडाल को पिछली बार से अलग ढालने और दिखाने की तैयारियां होने लगी हैं।
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इन सबके बीच सौ साल पुराना इतिहास भी इस बार शहर की रामलीला में रफ्ता-रफ्ता बदल रहा है। नगर की दूसरी सबसे ऐतिहासिक 134 साल पुरानी मौसमगंज रामलीला इस बार हर दिन नये रूप में ढल रही है।
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केशव केकठिन छंदों, चौपाइयो, दोहों से तैयार मौसमगंज रामलीला की स्क्रिप्ट इस बार दर्शकों को उनके अपने नये कलेवर में मिलेगी।
श्री मौसमगंज रामलीला एवं नाट्य समिति डालीगंज के संरक्षक तेज प्रकाश गुप्ता ने बताया कि 134 सालों से चली आ रही रामलीला की मूल स्क्रिप्ट दशकों से ही चली आ रही है। करीब 90-100 साल पहले उसमें कुछ किया गया था।
फिर भी उसमें मौजूद छंद, सोरठे, दोहे आदि भी हैं जो आम दर्शकों की समझ में नहीं आते। पिछले कुछ सालों से इसमें बदलाव महसूस किया जा रहा था। इसी को लेकर इस बार रिहर्सल केसाथ ही स्क्रिप्ट में बदलाव जारी है।
संवाद आम भाषा में ढाले जा रहे हैं, कुछ शायराना अंदाज, कुछ तुकबंदी भी जोड़ी जा रही है। यहां लगभग 55 से अधिक कलाकारों की बारी-बारी से रिहर्सल शुरू हो चुकी है। चौक पब्लिक बाल रामलीला समिति के सचिव राजकुमार वर्मा ने बताया कि रिहर्सल फिलहाल जारी है।
चौक के कल्ली जी मंदिर में रात को सारे कामकाजी कलाकार जुट रहे हैं। महानगर रामलीला समिति की बाल रामलीला का रिहर्सल एक सितंबर से ही चल रहा है। गायन पद्धति की इस रामलीला का निर्देशन पीयूष पांडेय और सह निर्देशन महेन्द्र पंत कर रहे हैं।
रिहर्सल रोज 7 से 9 बजे तक किया जा रहा है। रामलीला में राम का किरदार निभाने वाले बाल कलाकार प्रखर पंत की ये तीसरी रामलीला है। लक्ष्मण का किरदार निभा रहे कार्तिकेय पंत भी तीसरी बार यहां मंचन कर रहे हैं।
श्रीराम लीला समिति ऐशबाग के अध्यक्ष हरीशचंद्र अग्रवाल ने बताया कि उनके यहां अधिकतर कलाकार कोलकाता के ग्रुप से आते हैं।
एक अक्टूबर को दल यहां पहुंचेगा, उसी दिन से लोकल कलाकारों और ग्रुप के कलाकारों समेत सैकड़ों कलाकारों का जंबो रिहर्सल शुरू होगा। इन दिनों डिजिटल मंचन बनाये जाने की तैयारियां जोरों पर है।
बदल जायेंगे पंजाबी बोलने वाले हनुमान
आलमबाग केवेजिटेबुल ग्राउंड में होने वाली आलमबाग रामलीला में इस बार संवाद अदायगी का नया दौर देखने को मिलेगा। यहां बीते 24 सालों से रामलीला में बजरंगबली का किरदार निभा रहे भारी भरकम शारीरिक सौष्ठव वाले जेएस माटा इस बार मंच पर नहीं दिखेंगे।
न ही दर्शकों को उनका पंजाबी टच वाला डायलाग डिलीवरी का अंदाज सुनने को मिलेगा, जिसके लिये दर्शक देर रात दो-दो बजे तक बैठे रहते थे। खुद समिति के महामंत्री जेएस माटा ने बताया कि इस बार इसके लिये युवक मनोज श्रीवास्तव को तैयार किया जा रहा है।