15 चित्रों में सिमटा 100 साल का सिनेमा
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सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी हिट शोले का डायलॉग ‘तेरा क्या होगा
अकेले कालिया का डायलॉग ही नहीं, डीडीएलजे का ‘जा सिमरन जा, जी ले अपनी दुनिया...’ और मुगल-ए-आजम का शेखू, ‘ऐ मोहब्बत जिंदाबाद..’ भी हॉल में रह रहकर चहकता रहा।
मौका था शनिवार से कैसरबाग लाल बारादरी में वरिष्ठ चित्रकार शरद पांडेय की चित्रकला प्रदर्शनी ‘सौ का सिनेमा-पार्ट-टू सनीमा हॉल’ के दूसरे पड़ाव का, जिसमें 15 चित्रों के जरिये सिनेमा के 100 साल की यात्रा बखूबी उतारी गई।
मार्कर
और फ्लेक्स पर बनाए गए इन चित्रों में 100 साल की सिनेमा की पूरी यात्रा
कलम से उकरी। प्रदर्शनी में ऐतिहासिक फिल्में आलमआरा, मुगल-ए-आजम, शोले,
डीडीएलजे के अलावा प्रदर्शनी में राजधानी के सिनेमाघरों के इतिहास को भी
उकेरा गया है।
पोस्टर प्रदर्शनी में टूटी-फूटी अंग्रेजी में लिखी स्पेलिंग
और गड़बड़ हिंदी में लिखे डायलॉग ने बीत हुए कल की याद को और भी असली
बनाया। प्रदर्शनी में बनाए गए सभी चित्र पिछले 11 महीनों में तैयार किए गए
हैं। प्रदर्शनी 5 मई तक चलेगी।