शादी का लड्डू खाकर 100 से ज्यादा बीमार, 10 गंभीर
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राजधानी लखनऊ के चौक स्थित तहसीनगंज के रामगंज इलाके में खोवा का खराब लड्डू खाने से सौ से अधिक लोग बीमार हो गए। तारिक (मंगनी) के बाद मोहल्ले में बांटा गया लड्डू लोगों की जान पर बन आया। लड्डू खाते ही लोगों को उल्टी दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने लगी। आनन-फानन में लोग स्थानीय अस्पताल पहुंचे जहां पर प्राथमिक उपचार दिया गया। हालात बिगड़ने पर सभी को बलरामपुर अस्पताल रेफर किया गया।
बलरामपुर अस्पताल में भी मरीजों की भीड़ का आलम ये था कि जमीन पर गद्दा डालकर 30 से अधिक मरीजों का इलाज शुरू हुआ लेकिन शाम सात बजे तक हालात खराब हो गए और आनन-फानन में डॉक्टरों की टीम बुलानी पड़ गई। सीएमओ और जिला प्रशासन की टीम ने भी मौका मुआएना किया और लोगों का हालचाल जाना।
चौक के रहने वाले इरशाद की बेटी सीमा (25) की रविवार को तारिक यानि मंगनी थी। इरशाद के साले और सीमा के मामा नासिर अली ने बताया कि शनिवार देर रात को कार्यक्रम पूरा होने के बाद रविवार को मोहल्ले में रहने वाले लोगों को लड्डू बांटा गया। खोवा से बना करीब तीस किलो लड्डू नाका स्थित हाजी मिष्ठान भंडार से खरीद कर आया था।
मोहल्ले में लड्डू बांटने के कुछ देर बाद लोगों ने खाया और रविवार करीब बारह बजे से लोग बीमार होना शुरू हो गए। पेट दर्द, उल्टी और दस्त से पीड़ित लोगों को तहसीनगंज स्थित वासिफ अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां पर कुछ देर में ही मरीजों की भीड़ बढ़ गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल हो गया।
केजीएमयू व निजी अस्पताल में भर्ती हुए लोग
आनन-फानन में 100 से अधिक लोग केजीएमयू के संक्रामक रोग अस्पताल में 10, बलरामपुर अस्पताल 50 और निजी अस्पताल में 10 मरीज भर्ती कराए गए। जिसमें दस की हालत नाजुक बनी हुई है।
बीमार होने वालों में सबसे अधिक बीमार बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हैं जिनकी जान बचाने के लिए ग्लूकोज और इंजेक्शन लगाने का काम इमरजेंसी में चलता रहा। लड्डू खाकर बीमार होने वालों की सूचना के बाद सीएमओ डॉ. एसएनएस यादव, एसीएमओ डॉ. जीसी वाजपेई और एडीएम बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे और मरीजों का हालचाल जाना।
सीएमओ ने बलरामपुर अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को मरीजों को बेहतर इलाज करने का निर्देश देते हुए अतिरिक्त टीम भी बुलाने का निर्देश दिया।
इमरजेंसी में भर्ती करना पड़ा
खोवा का खराब लड्डू खाने के बाद लोगों के बीमार होने का सिलसिला शुरू हुआ तो रामगंज से लेकर अस्पताल तक अफरातफरी मची रही। बलरामपुर अस्पताल में पहुंचे बीमार लोगों की भीड़ की वजह से ऐसी अव्यस्था फैली की हर ओर भीड़भाड़ ही नजर आ रही थी। चालीस बेड की इमरजेंसी उल्टी दस्त और पेर्ट दर्द की समस्या से पीड़ित मरीजों से भर गई।
इसके बाद स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो दस से अधिक गद्दे जमीन पर डालने पड़ गए और एक गद्दे पर तीन से चार मरीजों का इलाज एक साथ चलता रहा। बलरामपुर अस्पताल में मरीजों को बेड और गद्दा नसीब नहीं हुआ तो मेज और स्ट्रेचर पर लिटाकर इलाज शुरू किया गया।
डरे सहमे रोते-बिलखते रहे लोग
खराब लड्डू खाने के बाद छोटे बच्चों को जब उल्टी दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई तो घर से लेकर अस्पताल तक चीख पुकार मच गई। पेट दर्द और उल्टी की समस्या से ग्रसित बच्चों को देख परिवारीजन रोते बिलखते रहे।
कई बच्चों को नाजुक हालत में परिवारीजन प्राइवेट अस्पतालों से लेकर सरकारी अस्पतालों तक की दौड़ लगाते रहे। बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी की हालत ये थी मां-बाप स्ट्रेचर पर नाजुक हालत में भर्ती बच्चों के जल्दी ठीक होने की दुआ करते रहे और रोते-बिलखते रहे।