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नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले को 10 साल की सजा, सहयोग करने वाली महिला को भी चार साल की कैद
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लखनऊ। मां को खाना देने विद्यालय जा रही नाबालिग लड़की का अपहरण कर उसके साथ दुराचार करने के आरोपी विपिन यादव को दोषी ठहराकर अनुसूचित जाति एवं जनजाति निवारण अधिनियम की विशेष न्यायाधीश शिवानी जायसवाल ने 10 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं मामले की अन्य आरोपी और अपहरण में सहयोग करने वाली सलमा उर्फ कल्ली को चार वर्ष के कठोर कारावास और 12 हजार जुर्माने से दंडित किया है।
कोर्ट में विशेष वकील शिवआधार द्विवेदी और अरविंद मिश्रा ने तर्क दिया कि घटना की रिपोर्ट वादी ने 28 जुलाई 2010 को मोहनलालगंज थाने में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि वादी व उसकी पत्नी बाहर गए थे और जब वह घर वापस आए तो देखा कि उनकी 14 वर्षीय बेटी विद्यालय से लौटी ही नहीं है। तलाशने पर भी नहीं मिली। पुलिस ने दो अगस्त 2010 को बेटी को बरामद किया। बेटी ने बताया कि जब वह स्कूल मेें काम करने वाली अपनी मां को खाना देने जा रही थी, उसी समय सलमा से उसे रास्ते में रोककर समोसा खिलाया जिसके बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद सलमा ने उसे विपिन को सौंप दिया। आरोपी विपिन ने उसके साथ दुराचार करने के बाद उसे मुरादाबाद में छोड़ दिया।
आत्महत्या को उकसाने में देवरानी की जमानत अर्जी खारिज
लखनऊ। जेठानी से उधार लिए गए 10 लाख रुपये वापस न करने और मांगने पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की आरोपी देवरानी रोशनी गुप्ता की जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने खारिज कर दी है।
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सरकारी वकील ज्वाला प्रसाद शर्मा ने तर्क दिया कि मामले की रिपोर्ट मृतका नीतू गुप्ता के भाई राहुल गुप्ता ने 18 जून 2020 को गाजीपुर थाने में दर्ज कराई थी। वादी ने अपनी बहन की शादी 17 साल पहले राजीव गुप्ता के साथ की थी और घर में देवर कुलदीप गुप्ता व देवरानी रोशनी गुप्ता ही रहते थे। कुलदीप भी राजीव गुप्ता की दुकान पर ही काम करते थे। आरोप है कि देवर कुलदीप गुप्ता, देवरानी रोशनी गुप्ता, ननद सोनी गुप्ता व नंदोई नीरू गुप्ता ने एक वर्ष पहले मृतका से 10 लाख रुपये उधार लिए थे लेकिन वापस नहीं कर रहे थे। मृतका जब भी रुपये मांगती थी, तब यह लोग धमकी देकर कहते थे कि पैसे की क्या जरूरत है जाओ फांसी लगाकर मर जाओ। आरोप है कि उत्पीड़न के चलते 13 मार्च 2020 को नीतू गुप्ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। (संवाद)
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कोर्ट में विशेष वकील शिवआधार द्विवेदी और अरविंद मिश्रा ने तर्क दिया कि घटना की रिपोर्ट वादी ने 28 जुलाई 2010 को मोहनलालगंज थाने में अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि वादी व उसकी पत्नी बाहर गए थे और जब वह घर वापस आए तो देखा कि उनकी 14 वर्षीय बेटी विद्यालय से लौटी ही नहीं है। तलाशने पर भी नहीं मिली। पुलिस ने दो अगस्त 2010 को बेटी को बरामद किया। बेटी ने बताया कि जब वह स्कूल मेें काम करने वाली अपनी मां को खाना देने जा रही थी, उसी समय सलमा से उसे रास्ते में रोककर समोसा खिलाया जिसके बाद वह बेहोश हो गई। इसके बाद सलमा ने उसे विपिन को सौंप दिया। आरोपी विपिन ने उसके साथ दुराचार करने के बाद उसे मुरादाबाद में छोड़ दिया।
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आत्महत्या को उकसाने में देवरानी की जमानत अर्जी खारिज
लखनऊ। जेठानी से उधार लिए गए 10 लाख रुपये वापस न करने और मांगने पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की आरोपी देवरानी रोशनी गुप्ता की जमानत अर्जी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश विनय कुमार सिंह ने खारिज कर दी है।
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सरकारी वकील ज्वाला प्रसाद शर्मा ने तर्क दिया कि मामले की रिपोर्ट मृतका नीतू गुप्ता के भाई राहुल गुप्ता ने 18 जून 2020 को गाजीपुर थाने में दर्ज कराई थी। वादी ने अपनी बहन की शादी 17 साल पहले राजीव गुप्ता के साथ की थी और घर में देवर कुलदीप गुप्ता व देवरानी रोशनी गुप्ता ही रहते थे। कुलदीप भी राजीव गुप्ता की दुकान पर ही काम करते थे। आरोप है कि देवर कुलदीप गुप्ता, देवरानी रोशनी गुप्ता, ननद सोनी गुप्ता व नंदोई नीरू गुप्ता ने एक वर्ष पहले मृतका से 10 लाख रुपये उधार लिए थे लेकिन वापस नहीं कर रहे थे। मृतका जब भी रुपये मांगती थी, तब यह लोग धमकी देकर कहते थे कि पैसे की क्या जरूरत है जाओ फांसी लगाकर मर जाओ। आरोप है कि उत्पीड़न के चलते 13 मार्च 2020 को नीतू गुप्ता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। (संवाद)