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पुरानी करेंसी बदलवाने के खेल का भंडाफोड़, 98 लाख रुपये के साथ चार गिरफ्तार

Sun, 04 Jun 2017 11:45 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 04 Jun 2017 11:45 AM IST
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1 crore old currency seized by lucknow gazipur police
बरामद करेंसी

लखनऊ में काली कमाई को सफेद करने का खेल अब भी जारी है। गाजीपुर थाना पुलिस ने शनिवार सुबह 98 लाख रुपये की पुरानी करेंसी के साथ चार को दबोचा। पूरी पुरानी करेंसी 500-500 के नोट के रूप में थी।

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नोटबंदी के बाद रद्दी हो चुकी मोबाइल फोन के कारोबारी की काली कमाई को अप्रवासी भारतीय (एनआरआई) कोटे के जरिये मोटा कमीशन देकर नई करेंसी में बदला जाना था।
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गिरफ्तार लोगों में मोबाइल कारोबारी योगेश अग्रवाल, उसके कर्मचारी अजय कुमार व विपिन मिश्रा और प्रॉपर्टी डीलर विकास कुमार वैश्य को शामिल हैं। अमीनाबाद के मुन्ना उर्फ चांद नामक शख्स के जरिये इस पुरानी करेंसी को बदला जाता। पुलिस को मुन्ना की तलाश है।
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एसएसपी दीपक कुमार ने आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय को सूचना दी। दोनों विभाग के अधिकारी पुरानी करेंसी के बारे में मोबाइल कारोबारी से पूछताछ कर रहे हैं।

सेटिंग की और बदलवाने निकल पड़े

1 crore old currency seized by lucknow gazipur police

एसएसपी ने बताया कि योगेश अग्रवाल माइक्रोमैक्स मोबाइल कंपनी के यूपी के कैरीइंग एंड फारवर्डिंग (सीएंडएफ) एजेंट हैं। आईआईएम रोड पर उनका गोदाम है। हजरतगंज के अशोक मार्ग स्थित श्रीराम टॉवर में उनकी मोबाइल फोन की बड़ी दुकान है। उनके पास 500 रुपये की पुरानी करेंसी के रूप में 98 लाख रुपये थे जिसे बदलवाने के लिए अमीनाबाद के मुन्ना से संपर्क किया था।

अजय सीतापुर के तालगांव महराजगंज का मूल निवासी है और लखनऊ में आईआईएम रोड पर रहता है। विपिन गुडंबा के शिवानी विहार निवासी है। दोनों नोटों से भरा बैग योगेश अग्रवाल के प्रॉपर्टी डीलर दोस्त कुर्सी रोड निवासी विकास की कार से लेकर अमीनाबाद के लिए निकल पड़े।

नीलगिरी चौराहे पर थाना प्रभारी अमित तिवारी, सर्वोदयनगर चौकी प्रभारी अर्जुन द्विवेदी, सिपाही प्रदीप कुमार, प्रवेंद्र सिंह, मदन कुमार यादव के साथ वाहन चेकिंग करा रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि शालीमार चौराहे पर संदिग्ध लोग आर्टिगा कार से आ रहे हैं।

पुलिस ने शालीमार चौराहे पर कार की तलाश शुरू कर दी। करीब दस बजे कार आई और उसकी तलाशी लेने पर पुरानी करेंसी भरा बैग मिला। तीनों को पकड़कर थाना ले आया गया। यहां पूछताछ में तीनों ने रुपये मोबाइल कारोबारी योगेश अग्रवाल के होने की जानकारी दी। इसके बाद उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।

एनआरआई कोटे से 30 जून तक बदलवा सकते हैं पुरानी करेंसी

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मामले में चार की हुई गिरफ्तारी - फोटो : amar ujala

एसएसपी ने बताया कि पुरानी करेंसी बदलवाने की व्यवस्था 31 दिसंबर 2016 तक ही थी। अब सिर्फ एनआरआई को ही पुरानी करेंसी बदलने की सुविधा दी जा रही है। एनआरआई कोटे से पुरानी करेंसी बदलवाने की अंतिम तारीख 30 जून 2017 है। मोबाइल कारोबारी योगेश अग्रवाल की रकम भी एनआरआई कोटे से बदलवाने की तैयारी थी।

खंगाला जा रहा है नेटवर्क
एसएसपी ने बताया कि हो सकता है कि इस तरीके से पुरानी करेंसी बदलवाने का कोई बड़ा रैकेट काम कर रहा हो। योगेश अग्रवाल और उसके कर्मचारियों तथा मुन्ना के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है।

मुन्ना स्थानीय स्तर पर यह काम कर रहा है या फिर उसके प्रदेश अथवा देश के किसी ऐसे नेटवर्क से तार जुड़े हैं जो एनआरआई के जरिए पुरानी करेंसी बदलवा रहा है, इस बारे में पड़ताल की जा रही है।

15 से 30 फीसदी लिया जा रहा कमीशन

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एसएसपी ने बताया कि एनआरआई कोटे से पुरानी करेंसी बदलवाने के लिए 15 से 30 प्रतिशत कमीशन लिया जाता है। मुन्ना के 16 प्रतिशत कमीशन पर यह काम करने की बात पता चली है।

कमीशन की इस रकम में तीनों को 50-50 हजार रुपये मिलने थे। इसके अलावा किन-किन लोगों को कितना हिस्सा जाना था? इस बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।

मोबाइल कारोबारी को देना होगा पांच गुना जुर्माना
पुरानी करेंसी के 98 लाख रुपये कहां से आए? मोबाइल कारोबारी को इसकी जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने पर नियमों के तहत उससे बरामद रकम का पांच गुना जुर्माना वसूला जाएगा।

एसएसपी ने कहा कि यह रकम संभवत: ब्लैकमनी है, जिसका कोई स्रोत नहीं है। यही वजह है कि मोबाइल कारोबारी इसे चोरी छिपे बदलवाने जा रहा था। अब आयकर विभाग उससे पांच गुना रकम वसूल करेगा।

हरदोई के एक विधायक ने की छोड़ने की सिफारिश

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मोबाइल कारोबारी योगेश अग्रवाल के कई अफसरों-नेताओं और रसूखदार लोगों से संबंध हैं। उसके पकड़े जाने की खबर मिलते ही करीबी सक्रिय हो गए।

सबसे पहले पुलिस अधिकारियों के पास हरदोई के एक विधायक का फोन आया और उन्होंने मामला रफा-दफा करने के लिए दबाव डाला। हालांकि, पुलिस अधिकारी ने विधायक से साफ इन्कार कर दिया।

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