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शिक्षक ही बनेंगे 1.70 लाख शिक्षा मित्र
शैलेंद्र श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 30 Jan 2014 11:50 AM IST
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शिक्षा मित्रों के समायोजन को लेकर बनी भ्रम की स्थिति खत्म करते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि इन्हें शिक्षक के पद पर ही समायोजित किया जाएगा।
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बेसिक शिक्षामंत्री राम गोविंद सिंह ने कहा है कि शिक्षा मित्र पिछले 14 सालों से पढ़ा रहे हैं।
इसलिए, उन्हें नियुक्ति न देकर समायोजित किया जाएगा। दरअसल कैबिनेट के फैसले के बाद शिक्षा मित्रों के समायोजन को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई थी।
यह स्पष्ट नहीं हो रहा था कि इन्हें किस पद पर समायोजित किया जाएगा।
कैसे करेंगे समायोजित
इसके लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा मित्र शिक्षक (सहायक अध्यापक के पद पर) समायोजन नियमावली बनाई जा रही है। इसमें शिक्षा मित्रों को दो साल की ट्रेनिंग के बाद सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए जाने का प्रावधान होगा। शिक्षा मित्रों की ट्रेनिंग जैसे-जैसे पूरी होती जाएगी उन्हें समायोजित किया जाता रहेगा।
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प्रदेश में 14 जनवरी 2011 को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से अनुमति मिलने के बाद शिक्षा मित्रों को दो वर्षीय पत्राचार बीटीसी प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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ट्रेनिंग खत्म होने के बाद इनके समायोजन की प्रक्रिया जनवरी 2014 से शुरू होनी थी। लेकिन आदेश जारी होने में देरी होने पर शिक्षा मित्र आंदोलन की राह पर चल पड़े।
समायोजन पर क्या हुआ आदेश
प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षा मित्रों को समायोजन संबंधी आदेश 7 फरवरी 2013 को तत्कालीन प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा सुनील कुमार ने जारी किया था। इसमें साफ कहा गया था कि शिक्षा मित्रों को तीन चरणों में समायोजित किया जाएगा।
पहले चरण में 60 शिक्षा मित्रों को जनवरी 2014, दूसरे चरण में 64 हजार को दिसंबर 2014 और तीसरे चरण में 46 हजार को सितंबर 2015 में शिक्षक पद पर समायोजित किया जाएगा।
शिक्षा मित्रों कैसे हुआ चयन
प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा मित्रों के चयन की प्रक्रिया मार्च 2000 से शुरू हुई। पहले चरण में ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षकों की सहायता के लिए दो-दो शिक्षा मित्रों को रखा गया। शिक्षा मित्र रखने की योग्यता इंटर रखी गई।
इनके चयन का अधिकार ग्राम शिक्षा समितियों को दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों से अच्छे परिणाम आने के बाद वर्ष 2006 में नगरीय क्षेत्र के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा मित्रों को रखा गया।