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बड़ी खबर: बगैर TET ही 1.70 बनेंगे शिक्षक

Sat, 15 Feb 2014 03:04 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 15 Feb 2014 03:04 PM IST
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1.70 lakh shikshamitra become assitant teacher

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक पद पर समायोजित करने के लिए उ.प्र. अध्यापक सेवा नियमावली 1981 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई। जल्द ही इस संबंध में शासनादेश जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि शिक्षा मित्रों को शिक्षक के पद पर ही समायोजित किया जाएगा।

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उन्होंने कहा, कैबिनेट में मंजूर की गई संशोधित नियमावली में शिक्षा मित्रों को दो साल की ट्रेनिंग के बाद सहायक अध्यापक पद पर समायोजित किए जाने का प्रावधान किया गया है। बताते चलें कि पिछले साल नवंबर से ही शिक्षा मित्र अपने समायोजन की मांग कर रहे थे। अब चूंकि चुनाव होने में बस कुछ ही दिन रह गए हैं ऐसे में सरकार किसी तरह की गलती नहीं करना चाहती है।
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ग्रेजुएट नहीं तो करना होगा इंतजार

1.70 lakh shikshamitra become assitant teacher

समायोजन के लिए तैयार कराई गई नियमावली में शिक्षा मित्र से सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन की योग्यता स्नातक तय की गई है। बहुत से शिक्षा मित्र इंटर पास ही हैं। स्नातक होने के बाद ही पे शिक्षक बन पाएंगे इसलिए आयुसीमा 60 वर्ष रखी गई है। तीसरे चरण में जिन 46 हजार शिक्षा मित्रों की ट्रेनिंग होनी है उनमें ज्यादातर इंटर पास हैं।

ऐसे होगा समायोजन
60 हजार शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक बनेंगे पहले चरण में
64 हजार का समायोजन होगा दूसरे चरण में
46 हजार बचे शिक्षा मित्रों को प्रशिक्षण देकर बनाया जाएगा

नवंबर से ही बढ़ने लगा था विरोध

1.70 lakh shikshamitra become assitant teacher

नवंबर से ही शिक्षा मित्र उग्र हो चले थे। ‌शिक्षा मित्र शिक्षक कल्याण समिति ने 28 दिसंबर को अर्द्धनग्न होकर प्रदर्शन और 29 दिसंबर से आमरण अनशन शुरू किया। इस दौरान कईयों ने विधान भवन के आगे गिरफ्तारी भी दी। इस दौरान प्रशासन ने भी उनके साथ सख्ती की।

इस समिति ने चार जनवरी को शुद्धि बुद्धि हवन, 5 जनवरी को टीईटी की शव यात्रा निकाली और 6 जनवरी को सचिव बेसिक शिक्षा के आवास का घेराव भी किया। इसके बाद सात जनवरी को सरकार हरकत में आई और सचिव बेसिक शिक्षा नी‌तीश्वर कुमार ने शिक्षा मित्र संगठनों के साथ बैठक की और समायोजन पर ‌विचार किया।

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टीईटी के बिना हो समायोजन

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इस पहली बैठक के बाद मामला शांत हो गया। फिर दोबारा शिक्षा मित्रों ने बवाल काटना शुरू किया। उनका कहना था कि उनका समायोजन बिना टीईटी के ‌हो। इसके ल‌िए शिक्षा मित्रों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया।

इनका गुस्सा इतना बढ़ गया कि इन्होंने विरोध के चलते कांग्रेस नेता जगदंबिका पाल को धरना स्‍थल से भगा दिया। जगदंबिका पाल लक्ष्मण मेला स्थल पर धरना-प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों से मिलने पहुंचे थे। वे जैसे ही शिक्षा मित्रों के पास पहुंचे तो वे ‘वापस जाओ-वापस जाओ’ के नारे लगाने लगे।

समायोजन के अलावा यह भी दी सौगात

1.70 lakh shikshamitra become assitant teacher

उसके बाद इस माह में अखिलेश सरकार ने शिक्षा मित्रों को समायोजन का आश्वासन देने के अलावा एक और सौगात भी दी। सरकार ने कहा कि अगर पत्राचार बीटीसी पास करने में शिक्षा‌ मित्रों की उम्र 62 वर्ष हो जाए तो भी उनका समायोजन होगा।

सरकार ने कहा कि चाहे वे चंद माह की नौकरी करने के बाद रिटायर ही क्यों न हो जाएं। यह बात भी सामने आई कि यदि केंद्र सरकार उनके समायोजन के बाद वेतन का पैसा नहीं देती है तो राज्य सरकार इसका खर्च उठाएगी।

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