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अब नहीं होगा गोमती में मूर्ति विसर्जन

Tue, 08 Oct 2013 08:20 AM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Tue, 08 Oct 2013 08:20 AM IST
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cause for Clean Gomti

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद में गंगा और यमुना में इस दुर्गा पूजा पर प्रतिमा विसर्जन पर रोक लगाई है तो लखनऊ में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

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प्रदेश का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सचेत हो गया है और उसका कहना है कि वे इसी वर्ष पुख्ता वैकल्पिक इंतजाम करवाएंगे ताकि लोग नदी में विसर्जन नहीं करें।

बोर्ड के अनुसार इसके अलावा अगले एक वर्ष में बड़े स्तर पर जागरुकता अभियान भी चलाया जाएगा ताकि लोग नदी के पानी को साफ रखने का महत्व समझें।

दूसरी ओर पर्यावरणविदों ने इस कदम में ज्यादा गंभीरता की जरूरत बताई है। हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद बोर्ड के सदस्य सचिव जेएस यादव ने कहा कि फिलहाल ये आदेश इलाहाबाद और गंगा यमुना के लिए हैं लेकिन राजधानी में गोमती को लेकर भी बोर्ड सचेत है।
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दुर्गा पूजा पर बोर्ड गोमती में विसर्जन के लिए आने वाली प्रतिमाओं के नदी के बजाए कुंड में विसर्जन के लिए व्यवस्था करेगा।

इसमें विसर्जन के लिए भक्तों को जागरुक किया जाएगा और उन्हें समझाया जाएगा कि कुंड में विसर्जन गोमा की पवित्रता के लिए भी जरूरी है।

दूसरी ओर वैज्ञानिक और प्रर्यावरण विद डॉ. सीएम नौटियाल सुझाते हैं कि मूर्तियों को नदियों के किनारे उन्हें दबाया जा सकता है। लेकिन इसमें ध्यान रखना होगा कि वे प्राकृतिक तत्वों व वस्तुओं से बनी हों।

वहीं नाबार्ड की एचआरडी अधिकारी व पर्यावरण संरक्षणकर्ता शिखा त्रिपाठी बताती हैं कि प्रमुख सचिव वीएन गर्ग ने भी इसमें रुचि दिखाई है।

उम्मीद है कि एक बेहतर नीति बनकर आएगी और गोमती में प्रतिमा विसर्जन ही नहीं, दूसरे जरियों से फैला रहा प्रदूषण रुकेगा।

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