Meerut News Live: सरधना-दौराला में पुल का संपर्क मार्ग फिर धंसा, खेल कोटे से नौकरी पर खिलाड़ियों ने उठाए सवाल
Meerut News Live : मुजफ्फरनगर में एक कपड़ा व्यापारी की करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि वह अविवाहित था। इसके अलावा जिले में ही एक महिला दीवार के नीचे दब गई। यहां पढ़िए वेस्ट यूपी का पल-पल का अपडेट-
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दिव्या काकरान को नायब तहसीलदार बनाने के बाद सरकार की नीति से खफा हुए खिलाड़ी
अंतरराष्ट्रीय एथलीट सीमा अंतिल सहित जिले के खिलाड़ियों ने खेल कोटे से नायब तहसीलदार बनाने पर सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। अंतरराष्ट्रीय शूटर असब व शहजर रिजवी ने भी नायब तहसीलदार के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें नौकरी नहीं मिली, जबकि कुश्ती खिलाड़ी दिव्या काकरान को नायब तहसीलदार बनाया गया है।
मेरठ की ओलंपियन खिलाड़ी प्रियंका गोस्वामी और अन्नु रानी ने नायब तहसीलदार पद के लिए आवेदन नहीं किया था। दोनों रेलवे के उच्च पदों पर नियुक्त हैं। ओलंपिक के बाद प्रियंका गोस्वामी को तीन बार पदोन्नति मिल चुकी है। वह रेलवे में सीटीआई हैं और अन्नु भी सीनियर अधिकारी हैं। ऐसे में चक्का फेंक खिलाड़ी सीमा अंतिल, असब और शहजर रिजवी को नायब तहसीलदार पदों पर नौकरी न मिलने के कारण उनका मनोबल कम हुआ है।
हालांकि सीमा अंतिल और असब 2016 में सपा सरकार में बनी पॉलिसी के तहत नौकरी के लिए ओवदनकर्ता थे। लेकिन सरकार ने 2021 में नई पॉलिसी बनाई, जिसमें 11 जुलाई 2022 काे राजपत्रित पदों के लिए ओवदन मांगे गए। जिसमें 1 सितंबर 2020 के बाद के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों से आवेदन मांगे गए। जिसमें मवाना खुर्द निवासी अंतरराष्ट्रीय शूटर ने भी आवेदन किया था। शहजर रिजवी ने 2021 में आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक झटका है। जबकि 2021 से पहले उनकी शानदार उपलब्धि थीं। ऐसे में शहजर रिजवी भी सरकार के इस कदम से हताश हैं। मामले में खिलाड़ी कोर्ट का दरवाजा भी खटकटा सकते हैं।
2016 की पॉलिसी में प्रदेश के चार खिलाड़ी
सपा सरकार के दौरान 2016 पॉलिसी में प्रदेश के चार खिलाड़ी राजपत्रित अधिकारी बनने योग्य थे। जिनमें चक्का फेंक खिलाड़ी सीमा अंतिल, मेरठ की ही प्रियंका पंवार, अंतरराष्ट्रीय वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी स्वाति सिंह और डबल ट्रैप शूटर मौ. असब को नौकरी के लिए योग्य माना था। असब ने बताया कि 2012 में नई पॉलिसी आने के बाद उन्हें भी पुरानी पॉलिसी के अनुसार नायब तहसीलदार बनाने का आश्वासन था। लेकिन उन्हें नौकरी नहीं दी गई, जिससे वह आहत हैं।
दौराला-सरधना मार्ग पर गंगनहर पुल का संपर्क मार्ग बारिश के चलते बनने के दो माह बाद ही धंस गया। सूचना पर डीएम दीपक मीणा व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। डीएम ने सेतु निगम के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तुरंत व्यवस्था दुरूस्त कराने की निर्देश दिए। इस सबके बीच बस इतनी राहत रही कि कांवड़ यात्रा के चलते प्रशासन ने पहले ही इस पुल को बंद कर दिया था। पुराने पुल से आवागमन जारी है।
सरधना गंगनहर पर ब्रिटिशकाल में बनाए गए पुल की अवधि पूरी हो चुकी थी। लोक निर्माण विभाग व सेतु निगम द्वारा नए पुलों का निर्माण कराया गया है। सरधना में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण किया गया है। दो माह पहले ही वाहनों का आवागमन शुरू हुआ था। तीन दिन से लगातार बारिश के चलते सोमवार को नवनिर्मित पुल पर एक बड़ा गड्ढा दिखाई दिया।
तैनात पुलिस कर्मियों ने देखा तो एप्रोच रोड करीब पांच फुट तक धंस चुकी थी। मामले की जानकारी लगने पर डीएम दीपक मीणा व एसएसपी रोहित सिंह सजवाण मौके पर पहुंचे और एप्रोच रोड का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि सरधना गंगनहर पुल की एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बारिश के चलते बैठ गई है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था दुरूस्त करने के निर्देश दिए है। नवनिर्मित पुल पर आवागमन से पहले ही एप्रोच रोड का दुरूस्त कराया जाएगा।
कावंड यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए शासन प्रशासन द्वारा पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिसमें जनपद में हरियाणा, पंजाब के कांवड़ियों के आवागमन से भीड़ बराबर बढ़ रही है। पहले तो जनपद की सीमा में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया था। जिसमें हल्के वाहनों को जनपद में प्रवेश दिया जा रहा था, लेकिन कावंड यात्रा की बढ़ती संख्या के चलते प्रशासन द्वारा पहले रूट डायवर्ट के बाद बीती रात से जनपद में हल्के वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
शिवाया टोल प्लाजा से लेकर गाजियाबाद तक पूरे हाईवे को वन-वे कर दिया गया है। परतापुर बाईपास से लेकर गाजियाबाद तक एक साइड ही वाहन चलेंगे। वहीं, हापुर रोड और गढ़ रोड पर अभी वन-वे की व्यवस्था लागू नहीं की गई है। यहां सिर्फ भारी वाहनों का डायवर्जन किया गया है।
वहीं, दिल्ली रोड पर अभी दोनों तरफ ट्रैफिक चल रहा है। यहां पर अभी वन-वे व्यवस्था लागू नहीं की गई है। इसके बावजूद जगह-जगह सभी कट को बंद कर दिया गया है। टीपी नगर गेट से परतापुर तक एक कट शॉप्रिक्स मॉल चौराहे पर खुला है, दूसरा वासु ऑटोमोबाइल्स से आगे। इसके अलावा सभी कट बंद है।
मुजफ्फरनगर में शामली के सिलावर गांव में सात साल पहले झगड़े के दौरान बुजुर्ग की मौत के मामले में अदालत ने तीन दोषियों को दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय-14 की पीठासीन अधिकारी रीमा मल्होत्रा ने फैसला सुनाया।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी वीरेंद्र कुमार नागर ने बताया कि नौ मार्च 2016 को शामली के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के सिलावर गांव में हुए झगड़े में बुजुर्ग मांगेराम घायल हो गए थे। परिजनों ने शामली अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनकी मौत हो गई। वारदात में मृतक के बेटे पंकज कुमार ने गांव के ही रोशन व शेखर पुत्र जयपाल और पप्पू पुत्र बेगराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 304 में आरोप पत्र दाखिल किया। प्रकरण की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-14 में हुई। सोमवार को अदालत ने तीनों अभियुक्तों पर दोष सिद्ध करते हुए फैसला सुनाया। दोषियों को गैर इरादतन हत्या में 10-10 साल कैद और 40-40 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर अभियुक्तों को एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सहारनपुर के गागलहेड़ी में तीन दिनों से हो रही बारिश में दो मजदूरों के मकान धराशायी हो गए। मकान में रखा सब सामान नष्ट हो गया।
जानकारी के अनुसार, रंगेल निवासी इसराइल पुत्र कुर्बान का लेंटर सोमवार सुबह अचानक गिर गया। इसराइल ने बताया कि कमरे में उस समय कोई नहीं था लेकिन, कमरे में रखा सब सामान नष्ट हो गया। वहीं, उग्राहु निवासी सुनील पुत्र चेतराम का कच्चा मकान रविवार की शाम गिर गया। सुनील ने बताया कि घर में अनाज की टंकी रखी थी। कच्चे मकान के टपकने की वजह से पड़ोस के एक मकान में रह रहे थे। अचानक ही मकान की छत गिर गई। जिससे वो लोग बच गए।
शामली के कांधला में कस्बे के मोहल्ला खैल निवासी युवक की बागपत के रटोल में बाग में कार्य करते हुए हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। युवक की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने बिना किसी कार्रवाई के मृतक युवक के शव को गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया है।
मेरठ में बारिश से मेरठ-खुर्जा रेलवे ट्रैक पर अंडरपास में जलभराव हो गया। इसके चलते ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए जलनिकासी की मांग की है।
मोहम्मदपुर गूमी, नंगला शेरखां उर्फ जैनपुर, गगोल, नूरनगर गांव के अलावा ग्रहम, ऑर्चिड, भगवती कुंज, ग्रीन विलेज आदि कॉलोनी का संपर्क कट गया है। इन कॉलोनियों में मार्केट न होने के कारण अधिकांश लोग अंडरपास से होकर लिसाड़ी गांव में खरीदारी करने आते हैं। यह अंडरपास बिजली बंबा बाईपास और भूमिया पुल मार्ग को जोड़ता है। अब कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली और हापुड़ रोड का ट्रैफिक इस मार्ग से गुजर रहा है। जिससे इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। सिटी स्टेशन अधीक्षक आरपी सिंह का कहना है कि जल्द ही इस अंडरपास को टिन शेड से कवर किया जाएगा। जिससे बारिश के समय जलभराव की समस्या न हो। जलनिकासी की जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है।
मेरठ में जनता को थोक में सस्ता टमाटर उपलब्ध कराने के लिए मंडी समिति द्वारा नवीन सब्जी मंडी में लगाई गई दोनों स्टाल सोमवार को सुबह आठ बजे के बाद टमाटर बिन सूनी रह गई। मंडी में टमाटर की आवक ना के बराबर रही, जिसके कारण मंडी समिति के स्टाल पर पर्याप्त मात्रा में टमाटर नहीं मिल पाया। टमाटर खरीदने के लिए स्टॉल पर लोग पहुंचे थे।
मंडी समिति ने रविवार से नवीन सब्जी मंडी में दो स्थानों पर स्टाल लगाकर लोगों को 70 किलो थोक में टमाटर की बिक्री शुरू कराई थी। सोमवार को दूसरे ही दिन मंडी में टमाटर की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण मंडी समिति के स्टाल पर दो कैरेट टमाटर ही पहुंच पाया। इन स्टॉलों पर टमाटर खरीदने के लिए काफी लोग पहुंचे लेकिन, टमाटर न मिलने के कारण अधिकतर लोगों को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। इस संबंध में मंडी समिति सचिव विजिन कुमार का कहना है कि कांवड़ यात्रा के चलते रास्ते बंद हो गए हैं, जिसके कारण मंडी में टमाटर ही नहीं है। अन्य सब्जियों की आपूर्ति भी पर्याप्त रूप में नहीं हो पा रही है। यही कारण है कि सरकारी स्टाल पर टमाटर की बिक्री उतनी नहीं हो पाई है।