Mathura Krishna Janmashtami 2023: ब्रज में जन्मे कन्हैया, बाल स्वरूप के हुए दर्शन; गूंजे जयकारे
Krishna Janmashtami Puja Mathura: रात 12 बजने को हुए तो जन्मस्थान स्थित भागवत भवन में श्रीकृष्ण के श्रीविग्रह को श्रीराधाकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष लाया गया। यहां रजत कमल पुष्प में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास महाराज ने सवा मन दूध, दही, शहद, घी, बूरा आदि दिव्य औषधियों से बनाए पंचामृत से अभिषेक किया।
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अजन्मे के जन्म के साक्षी बने लाखों श्रद्धालु
अजन्मे के जन्म के साक्षी बनने के लिए सुबह से ही श्रीकृष्ण जन्मस्थान और उसके आसपास देश-विदेश से लाखों भक्त पहुंच गए। भक्तों में कान्हा के दर्शन का उत्साह देखते ही बन रहा था। रात 12 बजने को हुए तो जन्मस्थान स्थित भागवत भवन में श्री कृष्ण के श्रीविग्रह को श्रीराधाकृष्ण की प्रतिमा के समक्ष लाया गया। यहां रजत कमल पुष्प में विराजमान भगवान श्रीकृष्ण का श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास महाराज ने सवा मन दूध, दही, शहद, घी, बूरा आदि दिव्य औषधियों से बनाए पंचामृत से अभिषेक किया। इस दौरान गुलाब और चमेली-बेला के पुष्पों की वर्षा होने लगी और यह क्रम अनवरत चलता रहा। भक्त हरिबोल-राधे कृष्ण के जयकारे लगाते हुए दर्शन कर भाव विभोर हो रहे थे।
उधर, गोकुल सहित पूरे ब्रज के मंदिरों में प्रगट भये गोपाला...और बधाई गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया। आराध्य बाल गोपाल के दर्शन कर भक्त भाव विभोर होकर नाचने लगे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन में महंत नृत्य गोपालदास महाराज सहित श्रीकृष्ण जन्मस्थान के ट्रस्टी अनुराग डालमिया, सचिव कपिल शर्मा और सदस्य गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने सोने/चांदी से निर्मित 100 किग्रा की कामधेनु गाय की प्रतिमा में हरिद्वार के गंगाजल सहित पंचामृत को भरकर लल्ला का आभिषेक किया।
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की अद्भुत घड़ी का इंतजार कर रहे भक्तों में उस वक्त उल्लास छा गया जब श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर रात 12 बजते ही ढोल-नगाड़े और घंटे घड़ियाल गूंज उठे। झांझ-मंजीरे, मृदंग और शंख की मंगलध्वनि की बीच कान्हा के बधाई गीत गुंजायमान हो उठे। हर जुबां पर राधे-कृष्ण, राधे-राधे के बोल थे।
कान्हा के जन्म के साथ बज उठे घंटे-घड़ियाल, कृष्णमय हुआ वातावरण
जैसे ही भगवान कृष्ण का जन्म हुआ तो मंदिरों में घंटे-घड़ियाल बज उठे और हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल आदि जयकारों से वातावरण कृष्णमय हो गया। कान्हा के जन्म का काउंट डाउन शुरू, भक्तों में छाया उल्लास
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साक्षी बनने के लिए आए लाखों श्रद्धालुओं के दिल की धड़कनें तेज हो गईं हैं। क्योंकि कान्हा के जन्म का काउंट डाउन शुरू हो गया है। कुछ ही देर में कान्हा का जन्म होगा। भक्त भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन करेंगे। इसके बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा।
लल्ला के जन्म का इंतजार, जन्मस्थान संस्थान के बाहर लाखों श्रद्धालुओं का डेरा
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साक्षी बनने को आए लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने जन्मस्थान के आसपास डेरा जमा लिया है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है। जन्मस्थान को जाने वाले रास्तों पर खेल खिलौने बेचने वालों की दुकान लगी हुई हैं। भीड़ का आलम इतना अधिक है कि श्री कृष्ण जन्मस्थान संस्थान के बाहर बिछाई गई लाल रंग की कालीन पर श्रद्धालु लल्ला के जन्म का इंतजार कर रहे हैं।मथुरा आए नृत्य गोपालदास महाराज, बोले- रामलला का संघर्ष पूरा, अब श्रीकृष्ण जन्मस्थान की बारी
अयोध्या में रामलला को उनका जन्म स्थान दिलाने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष नृत्य गोपालदास महाराज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा आए। उन्होंने कहा कि रामलला का संघर्ष पूरा हो गया। अब श्रीकृष्ण जन्मस्थान की बारी है। जीवन में यही दो लक्ष्य निर्धारित किए थे। एक पूरा हो गया और दूसरा पूरा होने की कगार पर है।कृष्ण जन्मभूमि पर लगी दो किमी लंबी कतार
अजन्मे के जन्म को लेकर श्रद्धालु खासे उत्साहित हैं। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के किसी भी द्वार पर पैर रखने तक की जगह नहीं मिल पा रही है। आलम ये है कि प्रवेश द्वार से करीब दो किमी लंबी लाइन बाहर लगी हुई है। भक्त कान्हा के जन्म के साक्षी बनने के लिए लालायित नजर आ रहे हैं।