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Gandhi Jayanti 2025: गांधी जी को बापू, महात्मा और राष्ट्रपिता क्यों कहा गया? जानिए पूरी कहानी

Sat, 27 Sep 2025 04:30 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Sat, 27 Sep 2025 04:30 PM IST
सार

Gandhi Jayanti 2025: बापू, महात्मा और राष्ट्रपिता की उपाधियां उनके प्रति भारतीयों के अटूट प्रेम, श्रद्धा और विश्वास को दर्शाती हैं। गांधी जयंती 2025 पर हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।

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Why Mahatma Gandhi is called Father of our Nation and who gave title Bapu Check key facts in Hindi
महात्मा गांधी अनमोल विचार - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

Gandhi Jayanti 2025: भारत का इतिहास महात्मा गांधी के बिना अधूरा है। अहिंसा, सत्य और त्याग के प्रतीक मोहनदास करमचंद गांधी ने न केवल भारत को आज़ादी की राह दिखाई बल्कि पूरी दुनिया को एक नई सोच दी। 2 अक्टूबर को हर वर्ष गांधी जयंती मनाई जाती है, यह दिन हमें उनके आदर्शों, संघर्ष और योगदान को याद करने का अवसर देता है। गांधी जी के नाम के आगे महात्मा लगाया जाता है, उन्हें राष्ट्रपिता कहा जाता है और भारतीयों के साथ ही विदेशी अनुयायी तक बापू कहकर पुकारते हैं। 

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सवाल है कि गांधी जी को बापू, महात्मा और राष्ट्रपिता की उपाधियां क्यों दी गईं? इसके पीछे उनका अद्भुत व्यक्तित्व और जनसेवा का जीवन छिपा है। गांधी जी सिर्फ एक नेता नहीं बल्कि भारत की आत्मा के प्रतीक हैं। बापू, महात्मा और राष्ट्रपिता की उपाधियां उनके प्रति भारतीयों के अटूट प्रेम, श्रद्धा और विश्वास को दर्शाती हैं। गांधी जयंती 2025 पर हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
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गांधी जी को महात्मा क्यों कहा गया?

महात्मा का अर्थ है महान आत्मा। 1915 में रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधी जी को यह उपाधि दी थी। उनके सत्याग्रह, सरल जीवन और नैतिक मूल्यों के कारण लोग उन्हें महात्मा मानने लगे।
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बापू कहकर क्यों पुकारे जाते हैं गांधी जी?

बापू का अर्थ होता है पिता। भारतीय जनता उन्हें अपने पिता जैसा मार्गदर्शक मानती थी। उनका स्नेह, नेतृत्व और जनहित के लिए त्याग देखकर लोग उन्हें बापू कहने लगे।

गांधी जी को राष्ट्रपिता की उपाधि कैसे मिली?

नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1944 में गांधी जी को पहली बार राष्ट्रपिता कहा। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता यात्रा के मार्गदर्शक और प्रेरणास्रोत गांधी ही हैं। उनके नेतृत्व ने करोड़ों भारतीयों को स्वतंत्रता संग्राम में एकजुट किया।


गांधी जी को क्यों मिली ये उपाधियां?

महात्मा गांधी का असल नाम मोहनदास करमचंद गांधी है। उनका जन्म 2 अक्तूबर 1869 को गुजरात को पोरबंदर में हुआ था। उन्होंने ब्रिटेन से बैरिस्टर की डिग्री हासिल की लेकिन यह महसूस किया कि अंग्रेज भारतीयों को समान सम्मान और अधिकार नहीं देते हैं। इसके बाद गांधी जी ने सब छोड़कर सत्य और अहिंसा को जीवन का आधार बनाया और देश की आजादी के लिए आंदोलन शुरू किया। दांडी मार्च, असहयोग आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों के नेता रहे। गांधी जी के प्रयासों से पूरा देश आंदोलन का हिस्सा बना, जिसके बाद देश को आजादी मिली। हालांकि 30 जनवरी 1948 को उनकी हत्या कर दी गई, लेकिन उनके विचार आज भी जिंदा हैं।

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