घुमक्कड़ी होने का सबसे बड़ा फायदा होता है कि आप अपने देश और बाकि दुनिया के तमाम रंग, रूप देख सकते हैं। जरा सोचिए, कहीं जाकर अनजान लोगों से बातें करना, उनकी संस्कृति को समझना, उनके खान-पान को चखना, उनकी अलग और विविध कलाओं के बारे में जानना, ये कितना जबरदस्त अनुभव होता होगा। आप भी ऐसे अनुभव ले सकते हैं।अपने देश में ही छिपे खजानों को खोजें और अनोखे सफर पर निकल जाएं। आज हम आपको ऐसी ही जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका इतिहास भले ही 18 वीं सदी का है लेकिन कहानी काफी दिलचस्प है।
18वीं सदी के इस रोचक इतिहास के गवाह को नहीं देखा तो क्या देखा, इस बार रुख करें किशनगढ़ की ओर
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अक्सर लोग अजमेर जाते हैं तो पुष्कर भी घूम आते हैं लेकिन अजमेर से सटे मदनगंज-किशनगढ़ के बारे में कम ही लोग जानते हैं। उसी राजस्थानी ठाठ-बात से सजी ये जगह 'बानी थानी' पेंटिंग के लिए मशहूर है। कहा जाता है कि बानी थानी 18वीं शताब्दी में किशनगढ़ के शासक राजा सावंत सिंह की मां द्वारा नियोजित एक गायिका और कवयित्री थीं। उनकी सुंदरता, गायन प्रतिभा और भगवान कृष्ण के प्रति समर्पण देखकर राजा उनकी ओर आकर्षित हुए।
जल्द ही, वह राजा की प्रेमिका बन गईं और बाद में राजा की रानी।बानी थानी का रहन-सहन का तरीका इतना विशेष था, जिसने चित्रकारों को चित्रों के माध्यम से उन्हें अमर बनाने के लिए प्रेरित किया। 1760 में, राजा और उसकी रानी बानी थानी दोनों ने अंतिम सांस ली थी। किशनगढ़ अपने पत्थर (मार्बल) के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां घूमने के लिए दो दिन काफी है क्योंकि किशनगढ़ में काफी खूबसूरत स्थल हैं।
भगवान गणेश का एक अनोखा मंदिर, खोदा गणेश जी किशनगढ़ से 15 किमी दूर स्थित है। इसे किशनगढ़ के शाही परिवार ने लगभग 250 साल पहले बनाया था। कहा जाता है कि, गणेश की पवित्र मूर्ति को जमीन से निकली थी, इसलिए इसे खोदा गणेश कहा जाता है
अजमेर शहर से 19 किलोमीटर दूर स्थित इस किले का निर्माण 1649 में महाराजा रूप सिंह ने करवाया था, इसलिए इसे रूपगढ़ किला कहा जाता है। किला अजमेर शहर से लगभग 27 किमी दूर है। इस किले की उल्लेखनीय विशेषताओं में से एक एक गहरी खाई वाली दीवार जो इसे असाधारण बनाती है। केवल फूल महल पैलेस होटल में रहने वाले मेहमानों को इस किले में प्रवेश करने की अनुमति है।
फूल महल पैलेस 1870 में किशनगढ़ के महाराजा के शाही मानसून रिट्रीट के रूप में बनाया गया था। यह शहर के केंद्र में स्थित है, और अब एक होटल के रूप में कार्य करता है, जहां मेहमानों को राजसी गर्मजोशी और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाता है।