कोरोना वायरस की वजह से पिछले कुछ समय से फूलों की घाटी में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगी थी। अब पर्यटक फूलों की घाटी में प्रवेश कर सकते हैं, परंतु पर्यटकों को कुछ नियमों का पालन करना होगा। पर्यटकों को यहां प्रवेश करते समय कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी जो 72 घंटे से अधिक पुरानी नहीं होनी चाहिए। फूलों की घाटी उत्तराखंड में गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है। यह खूबसूरत घाटी विश्व धरोहर में भी शामिल है। इस जगह की खूबसूरती देखते ही बनती है। आज हम आपको इस खूबसूरत जगह के बारे में बताएंगे। आइए जानते है उत्तराखंड में स्थित फूलों की घाटी के बारे में.....
{"_id":"5f24144ec7d5b10f844ea9ed","slug":"valley-of-flowers-national-park-open-for-tourist-after-coronavirus-pandemic-fulo-ki-ghati-uttarakhand-beautiful-places-to-visit-explore-stay","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अब फूलों की घाटी का दीदार कर सकेंगे पर्यटक, जानिए इस खूबसूरत जगह के बारे में...","category":{"title":"Travel","title_hn":"यात्रा","slug":"travel"}}
अब फूलों की घाटी का दीदार कर सकेंगे पर्यटक, जानिए इस खूबसूरत जगह के बारे में...
Tue, 01 Sep 2020 09:55 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: योगेश जोशी
Updated Tue, 01 Sep 2020 09:55 AM IST
विज्ञापन
फूलों की घाटी उत्तराखंड में गढ़वाल क्षेत्र के चमोली जिले में स्थित एक राष्ट्रीय उद्यान है- फाइल फोटो
- फोटो : social media
उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित फूलों की घाटी 87.50 किमी वर्ग क्षेत्र में फैली है- फाइल फोटो
- फोटो : pixabay
कितने क्षेत्र में फैली है फूलों की घाटी
- उत्तराखंड के गढ़वाल क्षेत्र में स्थित फूलों की घाटी 87.50 किमी वर्ग क्षेत्र में फैली है। 1982 में यूनेस्को ने इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया। फूलों की घाटी बेहद ही खूबसूरत है। हिमाच्छादित पर्वतों से घिरी इस घाटी की सुंदरता देखते ही बनती है।
फूलों की घाटी में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं- फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
500 से अधिक फूलों की प्रजातियां
- फूलों की घाटी में 500 से अधिक फूलों की प्रजातियां देखने को मिलती हैं। बागवानी विशेषज्ञों और फूल प्रेमियों के लिए ये जगह स्वर्ग से कम नहीं है। इस घाटी के नजारे देखते ही बनते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
फूलों की घाटी का वर्णन रामायण और महाभारत में भी मिलता है- सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
रामायण और महाभारत में भी इस जगह का वर्णन है
- फूलों की घाटी का वर्णन रामायण और महाभारत में भी मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार फूलों की घाटी ही वो स्थान है जहां से हनुमान जी लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाए थे।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों के अनुसार फूलों की घाटी में परियां निवास करती हैं- फाइल फोटो
- फोटो : social media
परियों का निवास स्थान
- स्थानीय लोगों के अनुसार फूलों की घाटी में परियां निवास करती हैं। परियों का निवास स्थान होने की वजह से लंबे समय तक यहां लोग जाने से कतराते थे। इस घाटी में उगने वाले फूलों से दवाई भी बनाई जाती है।