Famous Vishnu Temples: सनातन परंपरा में अनंत चतुर्दशी यानी अनंत चौदस का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जाने वाला यह पर्व 2026 में 25 सितंबर, शुक्रवार को पड़ रहा है। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने और अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। इसी दिन गणेश उत्सव का समापन और गणेश प्रतिमा विसर्जन भी बड़े स्तर पर किया जाता है।
अनंत चौदस 2026: अनंत चतुर्दशी पर कहां जाएं? भगवान विष्णु के इन 4 प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन जरूर करें
Anant Chaturdashi 2026: अनंत चौदस को अगर आप मंदिर दर्शन के साथ मनाना चाहते हैं, तो देश के कई प्रसिद्ध विष्णु मंदिरों की यात्रा आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ भारत की समृद्ध स्थापत्य और धार्मिक परंपराओं से परिचित होने का अवसर भी देती है।
श्री अनंत पद्मनाभस्वामी मंदिर, तिरुवनंतपुरम अगर अनंत चौदस पर किसी ऐसे मंदिर की बात हो जहां भगवान विष्णु का अनंत स्वरूप सीधे धार्मिक परंपरा से जुड़ा दिखाई देता है, तो केरल का श्री अनंत पद्मनाभस्वामी मंदिर प्रमुख नाम है। मंदिर में भगवान पद्मनाभ को अनंत शेष पर शयन मुद्रा में दर्शाया गया है। यह मंदिर भगवान विष्णु के 108 पवित्र मंदिरों यानी दिव्य देशम में शामिल माना जाता है। इसकी वास्तुकला में केरल और द्रविड़ शैली का सुंदर मेल दिखाई देता है।
मंदिर जाने से पहले प्रवेश नियम और ड्रेस कोड की जानकारी जरूर जांच लें, क्योंकि यहां दर्शन के लिए निर्धारित नियम लागू होते हैं।
बद्रीनाथ मंदिर, उत्तराखंड
हिमालय की गोद में स्थित बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित भारत के प्रमुख तीर्थस्थलों में से एक है और चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंदिर लगभग 3,133 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां भगवान बदरी नारायण के दर्शन होते हैं और मंदिर परिसर में गरुड़ सहित कई धार्मिक प्रतिमाएं भी हैं।
अनंत चौदस के अवसर पर यहां की यात्रा श्रद्धा के साथ हिमालयी प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव भी दे सकती है। हालांकि पहाड़ी यात्रा की योजना बनाते समय मौसम, सड़क और मंदिर के मौजूदा यात्रा नियमों की जानकारी पहले लेना जरूरी है।
तिरुपति बालाजी मंदिर, आंध्र प्रदेश
तिरुमला की सात पहाड़ियों में स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर भगवान विष्णु के वेंकटेश्वर स्वरूप को समर्पित है। इसे तिरुपति बालाजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर की धार्मिक परंपराएं, विशाल परिसर और दक्षिण भारतीय स्थापत्य इसे देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल करते हैं।
अनंत चौदस के दौरान यहां दर्शन की योजना बनाने वालों को भीड़ और दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी करनी चाहिए। विशेष दर्शन या प्रवेश व्यवस्था के लिए मंदिर की आधिकारिक जानकारी देखना उपयोगी रहेगा।
द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका
गुजरात के द्वारका में स्थित द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, जिन्हें विष्णु का अवतार माना जाता है। यह मंदिर चार धाम से जुड़े प्रमुख तीर्थों में शामिल है और इसे जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर की ऊंची शिखर संरचना, ध्वज और पत्थर की नक्काशी इसकी खास पहचान हैं।
अनंत चौदस पर यहां दर्शन करने वाले श्रद्धालु भगवान कृष्ण के दर्शन के साथ द्वारका की धार्मिक विरासत को भी करीब से देख सकते हैं।