विश्व स्वास्थ्य संगठन का दावा: इस साल करीब दो अरब कोरोना के टीके मुहैया करा सकता है कोवैक्स
- विश्व स्वास्थ्य संगठन 'कोवैक्स' कोविड-19 रोधी टीकों की उपलब्धतता कम होने और भारत में इसकी मांग बढ़ने के बावजूद सभी देशों को टीके मुहैया करा सकता है
- कोवैक्स 2021 में कम से कम दो अरब टीकों की आपूर्ति कर सकता है
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दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच राहत की बात ये है कि इसके खिलाफ टीकाकरण अभियान जोरों-शोरों से चल रहा है। चूंकि हाल ही में ये दावे किए गए थे कि भारत में कोरोना वैक्सीन की कमी हो रही है, लेकिन स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने देश में कोविड टीकों की कमी के दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कोरोना टीकों की सप्लाई बढ़ाई जा रही है। इस दौरान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी कहा कि 'कोवैक्स' कोविड-19 रोधी टीकों की उपलब्धतता कम होने और भारत में इसकी मांग बढ़ने के बावजूद सभी देशों को टीके मुहैया करा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि कोवैक्स 2021 में कम से कम दो अरब टीकों की आपूर्ति कर सकता है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए कोवैक्स टीका निर्माताओं के साथ नए समझौतों की घोषणा करेगा।
दुनियाभर में कोरोना के टीके उपलब्ध कराने की वैश्विक पहल 'कोवैक्स' अब तक 100 से अधिक देशों में ये जीवनरक्षक टीके उपलब्ध करा चुका है। इसने सबसे पहले 24 फरवरी 2021 को पश्चिमी अफ्रीकी देश घाना को टीकों की आपूर्ति की थी।
अभी तक तीन टीका निर्माताओं एस्ट्राजेनेका, फाइजर-बायोएनटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने छह महाद्वीपों पर 3.8 करोड़ से अधिक टीकों की आपूर्ति की है। जिन 100 देशों को टीके दिए गए हैं, उनमें से 61 देश, 92 कम आय वर्ग वाली अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने गुरुवार को कहा कि कोवैक्स का उद्देश्य उन सभी देशों को कोरोना के टीके उपलब्ध कराने का है, जिन्होंने 2021 की पहली तिमाही में उससे टीकों की आपूर्ति करने का अनुरोध किया था। हालांकि पिछले महीने यानी मार्च और इस महीने यानी अप्रैल में कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति में थोड़ी देर जरूर हुई है।