Amar Ujala Samwad: हंसते-हंसते, सीटी मारते हुए भी फेफड़ों को रख सकते हैं सेहतमंद, डॉ. मिकी मेहता ने बताए तरीके
अमर उजाला अपने लोकप्रिय कार्यक्रम 'अमर उजाला संवाद' के साथ एक बार फिर से हम सभी के बीच है। साल 2025 के पहले अमर उजाला संवाद का आगाज हो चुका है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। अमर उजाला के इस वैचारिक संवाद कार्यक्रम में कला, मनोरंजन, शिक्षा, राजनीति, सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी देश की जानी मानी शख्सियत, विचारक और विशेषज्ञ शामिल हुए हैं।
कार्यक्रम में योग-लाइफ गुरु डॉ. मिकी मेहता ने शिरकत की और लोगों को स्वस्थ और फिट रहने के मूलमंत्र दिए।
आज के समय में जहां काम के दौड़-भाग और व्यस्त दिनचर्या के चलते हम लोगों का फिक्स रूटीन नहीं है, ऐसे में सभी के मन में एक बड़ा सवाल ये रहता है कि फिट कैसे रहा जाए?
डॉ. मिकी कहते हैं, मैं 54 साल से खुद योग का अभ्यास कर रहा हूं और 45 साल से इस व्यवसाय में हूं। अपने अनुभवों के आधार पर कह सकता हूं कि फिट रहना इतना भी कठिन नहीं है। बस आपको कुछ बातों पर ध्यान रखने की आवश्यकता है। आप सीटी बजाकर भी खुद को ठीक रख सकते हैं।
सीटी बजाना भी एक प्रकार का प्राणायाम है।
डॉ. मिकी बताते हैं, हमारे फेफड़ों में पांच खाने होते हैं, इसी तरह दिमाग के भी पांच पहलू हैं। अगर आप फेफड़ों के पांचों खाने को भरपूर ऊर्जा से भरते हैं और सीटी मारकर इसे सरलता से खाली करते हैं तो ये फिट रखने के लिए एक अच्छा और कारगर तरीका हो सकता है।
- इसके लिए सबसे पहले लंबी सांस लें और फेफड़ों को वायु से भरें और फिर सीटी मारकर उसे बाहर निकालें।
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हंसते-हंसते बनाइए अपनी सेहत को बेहतर
डॉ. मिकी कहते हैं, हंसना हमारे लिए सबसे अच्छा योगाभ्यास है। हास्य के लिए सबसे पहले हमें हल्का होना चाहिए, मन से भी और शरीर से भी। हास्य की ये तकनीक संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है। ये योग कपालभाति पर आधारित है।
- सबसे पहले गहरी सांस लें और जिस तरह से कपालभाति में नाक से सांस छोड़ते हैं उसी तरह से इस आसन में हू-हू की आवाज के साथ सांस छोड़ना है।
- फिर से गहरी सांस अंदर भरिए और अब हा-हा की ध्वनि के साथ सांस छोड़ना है।
- इस अभ्यास को कई बार दोहराएं।
इस योग के माध्यम से पहले आप फेफड़ों में प्राणवायु भरते हैं और फिर इसे खाली करते हैं। इस क्रिया का संपूर्ण स्वास्थ्य पर कई प्रकार से सकार सकारात्मक असर होता है।
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