World Aids Day: एड्स पर जंग जीतने के लिए विशेषज्ञों ने बताए खास तरीके, इस बात को लेकर दिया विशेष जोर
- साल 2020 तक साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोग इस संक्रमण के साथ जी रहे हैं।
- साल 2020 में 6.80 लाख से अधिक लोगों की इस संक्रमण के कारण जान गई।
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पिछले कुछ दशकों में दुनियाभर में एचआईवी संक्रमण और एड्स के मामले तेजी से बढ़े हैं। साल 1981 में एचआईवी वायरस की खोज होने के बाद से अब तक बड़ी संख्या में लोगों में इस संक्रमण का निदान किया जा चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक साल 2020 तक साढ़े तीन करोड़ से अधिक लोग इस संक्रमण के साथ जी रहे हैं, इसमें से दो तिहाई से अधिक मामले अफ्रीकी देशों से हैं। साल 2020 में 6.80 लाख से अधिक लोगों की इस संक्रमण के कारण जान गई, वहीं 15 लाख से अधिक नए लोगों में एचआईवी का निदान हुआ। एचआईवी संक्रमण के बढ़ते मामले स्वास्थ्य संगठनों के लिए चिंता का कारण बने हुए हैं। एचआईवी की रोकथाम और लोगों को इस बारे में जागरूक करने के लिए हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है।
इसी दिशा में पहल करते हुए फेडरेशन ऑफ़ गायनेकोलॉजीकल एंड ऑबस्टेट्रिकल सोसाइटी ऑफ़ इंडिया ने लोगों को जागरूक करने के लिए एक राष्ट्रीय सेमीनार का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देश के तमाम वरिष्ठ स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एड्स की रोकथाम के लिए अपने विचार साझा किए।
विशेषज्ञों ने जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर
दुनियाभर में तेजी से बढ़ते एचआईवी संक्रमण के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने एचआईवी/ एड्स तथा सेक्स संबंधी अंधविश्वास, अवैज्ञानिक अवधारणाओं के निवारण तथा स्वस्थ सेक्स जीवन के संदर्भ में लोगों को जागरूक किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ शोबिनी राजन (उपनिदेशक नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाईजेशन) ने शुरुआती स्तर पर इस बारे में जागरूकता लाने पर जोर दिया।
डॉ आनंद झवर कहते हैं, एचआईवी/ एड्स की रोकथाम के लिए सबसे आवश्यक है लोगों को इस बारे में सही जानकारी पहुंचाना। समाज में कई तरह के भ्रम हैं जिसके कारण लोगों को इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में सही जानकारी प्राप्त नहीं हो पा रही है। इसके लिए आवश्यक है सेक्स एजूकेशन को बढ़ावा दिया जाए जिससे आने वाले वर्षों में इस बढ़ती समस्या को रोकने में सफलता मिल सके। इस सेमिनार में डॉ ईश्वर गिलाड़ा, यूनिसेफ के डॉ सैयद अली, डॉ साई सुभश्री एवं सुश्री पूजा ने एच आई वी- एड्स के संदर्भ की गलत अवधारणाओं पर एक पैनल के रूप में विचार विमर्श किया।
उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल भी करता रहा है जागरूकता की पहल
एड्स जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर उजाला सिग्नस रेनबो हॉस्पिटल भी लगातार लोगों को जागरूक करने का पहल करता रहता है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ नरेंद्र मलहोत्रा और डॉ जयदीप मलहोत्रा ने भी इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के बारे में लोगों को प्रारंभिक स्तर से ही शिक्षित करने पर जोर दिया।