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Flu Prevention Tips: खांसी-जुकाम और फ्लू से बचने के लिए कब जरूरी है मास्क?
Tue, 25 Aug 2026 10:55 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:55 AM IST
सार
Health Tips: दिल्ली में लगातार स्वाइन फ्लू और वायरल के मामले फैल रहे हैं। ऐसे में मास्क आपको कब लगाना चाहिए, आइए जानते हैं।
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फ्लू से बचने के लिए मास्क कब जरूरी है?
- फोटो : AI
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Health Tips: दिल्ली में फ्लू, वायरल इंफेक्शन और H1N1 यानी स्वाइन फ्लू जैसे मामलों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। बदलते मौसम और भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों की आवाजाही के बीच सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को संक्रमण के मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसे में मास्क को लेकर भी लोगों के मन में कई सवाल हैं कि इसे कब पहनना चाहिए और क्या हर समय मास्क लगाना जरूरी है। य़हां हम आपको इसी बारे में पूरी जानकारी देंगे।
फ्लू से बचने के लिए मास्क कब जरूरी है?
- फोटो : AI
फ्लू से बचने के लिए मास्क कब पहनें?
1. भीड़भाड़ वाली जगहों पर
बस, मेट्रो, बाजार, रेलवे स्टेशन, मॉल और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना बेहतर है। यहां लंबे समय तक कई लोगों के करीब रहने से सांस से फैलने वाले संक्रमण के संपर्क में आने की संभावना बढ़ सकती है।
2. बंद और कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर
ऑफिस, क्लासरूम, मीटिंग रूम या अन्य बंद जगहों पर हवा का संचार कम होने पर सावधानी रखना जरूरी है। ऐसी जगहों पर मास्क के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन रखना भी फायदेमंद हो सकता है।
1. भीड़भाड़ वाली जगहों पर
बस, मेट्रो, बाजार, रेलवे स्टेशन, मॉल और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनना बेहतर है। यहां लंबे समय तक कई लोगों के करीब रहने से सांस से फैलने वाले संक्रमण के संपर्क में आने की संभावना बढ़ सकती है।
2. बंद और कम वेंटिलेशन वाली जगहों पर
ऑफिस, क्लासरूम, मीटिंग रूम या अन्य बंद जगहों पर हवा का संचार कम होने पर सावधानी रखना जरूरी है। ऐसी जगहों पर मास्क के साथ पर्याप्त वेंटिलेशन रखना भी फायदेमंद हो सकता है।
फ्लू से बचने के लिए मास्क कब जरूरी है?
- फोटो : AI
3. अगर आपको खांसी या जुकाम है
अगर आपको खांसी, छींक, गले में खराश या बुखार जैसे लक्षण हैं, तो दूसरों के आसपास मास्क पहनें। इससे सांस और खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए संक्रमण फैलने का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
4. फ्लू से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में
घर, ऑफिस या आसपास किसी व्यक्ति को फ्लू है, तो उसके करीब रहते समय मास्क पहनना अतिरिक्त सावधानी हो सकती है। साथ ही हाथों की सफाई और कमरे में हवा का उचित आवागमन बनाए रखें।
अगर आपको खांसी, छींक, गले में खराश या बुखार जैसे लक्षण हैं, तो दूसरों के आसपास मास्क पहनें। इससे सांस और खांसने-छींकने से निकलने वाली बूंदों के जरिए संक्रमण फैलने का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।
4. फ्लू से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में
घर, ऑफिस या आसपास किसी व्यक्ति को फ्लू है, तो उसके करीब रहते समय मास्क पहनना अतिरिक्त सावधानी हो सकती है। साथ ही हाथों की सफाई और कमरे में हवा का उचित आवागमन बनाए रखें।
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फ्लू से बचने के लिए मास्क कब जरूरी है?
- फोटो : AI
5. अस्पताल या क्लीनिक में
अस्पताल और क्लीनिक में अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित लोग मौजूद होते हैं। इसलिए वहां जाते समय मास्क पहनना संक्रमण से बचाव की एक अतिरिक्त परत दे सकता है।
6. बुजुर्ग और अन्य संवेदनशील लोगों के लिए
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को फ्लू के मौसम में भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है।
अस्पताल और क्लीनिक में अलग-अलग बीमारियों से पीड़ित लोग मौजूद होते हैं। इसलिए वहां जाते समय मास्क पहनना संक्रमण से बचाव की एक अतिरिक्त परत दे सकता है।
6. बुजुर्ग और अन्य संवेदनशील लोगों के लिए
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं वाले लोगों को फ्लू के मौसम में भीड़भाड़ वाली जगहों पर ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। जरूरत के अनुसार मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है।
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फ्लू से बचने के लिए मास्क कब जरूरी है?
- फोटो : AI
मास्क के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
सिर्फ मास्क पहनना ही फ्लू से बचाव का एकमात्र तरीका नहीं है। नियमित रूप से हाथ धोना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना, बीमार व्यक्ति से नजदीकी संपर्क से बचना और घर-ऑफिस में उचित वेंटिलेशन रखना भी जरूरी है। इस्तेमाल किए गए मास्क को सही तरीके से बदलना और साफ हाथों से मास्क लगाना भी महत्वपूर्ण है। अगर तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी या लक्षण लगातार बिगड़ रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
सिर्फ मास्क पहनना ही फ्लू से बचाव का एकमात्र तरीका नहीं है। नियमित रूप से हाथ धोना, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकना, बीमार व्यक्ति से नजदीकी संपर्क से बचना और घर-ऑफिस में उचित वेंटिलेशन रखना भी जरूरी है। इस्तेमाल किए गए मास्क को सही तरीके से बदलना और साफ हाथों से मास्क लगाना भी महत्वपूर्ण है। अगर तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी या लक्षण लगातार बिगड़ रहे हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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