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पिछली जेब में भूलकर भी ना रखें पर्स, जिंदगी खतरे में पड़ सकती है

Sun, 27 May 2018 11:57 AM IST
ऊर्जा डेस्क, अमर उजाला
ऊर्जा डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 27 May 2018 11:57 AM IST
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Disadvantages of Keeping the Wallet in Back Pocket
एक छोटे से वॉलिट (पर्स) में रुपये के अलावा लोग क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, विजिटिंग कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आईडी प्रूफ और न जाने क्या-क्या चीजें रखकर पिछली जेब में डाल लेते हैं। डॉक्टरों की मानें तो पिछली जेब में रखा यह मोटा पर्स हमारे शरीर को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। जब पिछली जेब में भारी और मोटा पर्स रखकर हम ज्यादा देर तक बैठते हैं तो कूल्हे के पास साइटिका नस दब जाती है, जिससे हिप ज्वाइंट और कमर के निचले हिस्से में दर्द शुरू होता है। यह दर्द बढ़ते-बढ़ते पंजे तक पहुंच जाता है और पैर सुन्न हो जाता है। 
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जब रोजाना इस तरह का दर्द होने लगे तो इसे पिरिफोर्मिस सिंड्रोम कहा जाता है। पिछली जेब में मोटा पर्स रखने की वजह से कूल्हा एक तरफ झुका रहता है, जिसकी वजह से रीढ़ की हड्डी पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे रीढ़ की हड्डी में टेढ़ापन आ सकता है और यदि रीढ़ की हड्डी में पहले से कोई दिक्कत है तो वह ज्यादा बढ़ सकती है।
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