कोरोना वैक्सीन आखिर कब आएगी और कब तक आम लोगों को मिल पाएगी, इस सवाल को लेकर दुनियाभर में माथापच्ची जारी है। इस बीच रूस से वैक्सीन को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन मानी जा रही 'स्पुतनिक-वी' के पहले बैच को रूस ने आम नागरिकों के लिए जारी कर दिया है। रूसी स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि वैक्सीन ने सभी गुणवत्ता जांच को पार कर लिया है और अब इसकी डोज आम नागरिकों को देने के लिए जारी कर दिया गया है। इससे पहले हाल ही में रूस की राजधानी मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने भी उम्मीद जताई थी कि यहां के ज्यादातर लोगों को अगले कुछ महीने में वैक्सीन की डोज दे दी जाएगी।
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हालांकि सबसे बड़ी बात ये है कि रूस की इस वैक्सीन के तीसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल अभी हुआ ही नहीं है और उससे पहले ही उसने लोगों के लिए वैक्सीन जारी भी कर दी। बताया जा रहा है कि इसी महीने से इसका ट्रायल भारत में भी शुरू होगा। रशियन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट फंड के सीईओ किरिल दिमित्रिव का कहना है कि इस वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल भारत समेत संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, फिलीपींस और ब्राजील में इसी महीने से शुरू हो जाएगा।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पिछले महीने ही यानी 11 अगस्त को इस वैक्सीन को लॉन्च किया था। इस दौरान उन्होंने बताया था कि वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है और इसकी डोज उनकी बेटी ने भी ली है। बाद में एक इंटरव्यू में उन्होंने यह भी बताया था कि वैक्सीन की दूसरी डोज भी उनकी बेटी ने ले ली है और वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
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रूस की इस वैक्सीन को मॉस्को के गमलेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ने विकसित किया है। रिसर्च सेंटर के निदेशक अलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग ने पिछले महीने ही यह संकेत दे दिया था कि सितंबर में 15-20 तारीख के बीच बड़े पैमाने पर देश में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया था कि अभी वैक्सीन के दो बैचों को विकसित किया गया है, जिसकी अभी जांच चल रही है, उसके बाद इसे आम लोगों के लिए जारी कर दिया जाएगा।
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हाल ही में चिकित्सा जगत से जुड़े शोध प्रकाशित करने वाली लैंसेट पत्रिका में इस वैक्सीन के शुरुआती ट्रायल से संबंधित एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी, जिसमें बताया गया था कि वैक्सीन सुरक्षित पाई गई है। लोगों पर किए गए परीक्षण में इससे किसी तरह का साइड-इफेक्ट नजर नहीं आया है बल्कि वैक्सीन से लोगों के शरीर में कोरोना से लड़ने के लिए एंटीबॉडी तैयार हुई है।