कोरोना वायरस के कारण दुनियाभर में मरने वालों का आंकड़ा आठ लाख 38 हजार के पार हो चुका है जबकि भारत में इस वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 63 हजार के पार हो गई है। कई देशों में तो संक्रमित मरीजों की मौत के बाद उनके शवों को उनके परिजनों को भी नहीं दिया जाता है, क्योंकि इससे वायरस के फैलने का खतरा रहता है। हालांकि कई जगहों पर संक्रमित मरीजों के शव उनको परिजनों को दिए भी जा रहे हैं, लेकिन पूरी सावधानी के साथ, यानी शव को रैप करके ही दिया जा रहा है। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर मरने वाले के शरीर में कोरोना वायरस कितनी देर तक जिंदा रह सकता है? आइए जानते हैं इस बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं...
Coronavirus: मृत शरीर में कितनी देर तक जिंदा रहता है कोरोना वायरस? जानें क्या कहते हैं विशेषज्ञ
मृत शरीर में वायरस कितनी देर तक जीवित रह सकता है?
- दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर नितेश बताते हैं, 'अभी इसे लेकर कोई शोध नहीं आया है। हालांकि एम्स में डेड बॉडी पर वायरस की मौजूदगी के बारे में शोध चल रहा है। फिलहाल कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर शव को पूरी सावधानी से रैप करके ही परिजनों को दिया जाता है।'
क्या हृदय, किडनी पर भी कोरोना का प्रभाव पढ़ता है?
- डॉक्टर नितेश के मुताबिक, 'एम्स में 122 मरीजों पर अध्ययन किया गया है। उनमें से ज्यादातर मरीजों में हृदय, किडनी और न्यूरो पर कोरोना का अधिक असर पड़ा है। इससे साफ है कि शुरू में यह वायरस श्वसन तंत्र पर हमला करता है, फिर शरीर में फैलने के बाद किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अनलॉक के दौरान लोगों को बहुत ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। मास्क लगाने और हाथ साफ रखने में कोई कोताही न करें।'
एंटीबॉडी पर मुंबई में एक शोध हुआ है, वो क्या है?
- डॉक्टर नितेश बताते हैं, 'मुंबई में जो शोध हुआ, उसमें अलग-अलग लोगों में एंटीबॉडी पाए जाने की अलग-अलग समयसीमा देखने को मिली। किसी में एक महीने, किसी में एक हफ्ते, तो कई में 15 दिन तक एंटीबॉडी पाए गए। यह वायरस नया है, इसलिए यह पक्का नहीं है कि शरीर में इम्यूनिटी कितनी है और शरीर कितने एंटीबॉडी बना सकता है। इसपर अभी और रिसर्च की जरूरत है, तभी स्थिति साफ होगी कि एंटीबॉडी कितने दिन तक शरीर में रहते हैं।'
क्या किसी सरकारी सेवा केंद्र में अंगूठे का निशान लगाने से संक्रमण हो सकता है?
डॉक्टर नितेश के मुताबिक, 'अगर कहीं अंगूठा लगाया जाता है तो अंगूठा लगाने से पहले सैनिटाइजर से हाथ साफ करें। अंगूठा लगाने के बाद फिर से हाथों को सैनिटाइज करें। ऐसे सेवा केंद्र पर मास्क जरूर लगाएं और भीड़-भाड़ से दूर रहें।'