देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। भारत ने 24 घंटों के अंदर सबसे ज्यादा नए मामले दर्ज करने को लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, एक दिन में यहां कोरोना वायरस के 78,761 मामले दर्ज किए गए। देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की कुल संख्या अब 35 लाख 42 हजार के पार हो गई है। हालांकि गनीमत है कि 27 लाख 13 हजार से अधिक मरीज इस वायरस से ठीक हो चुके हैं। करीब सात लाख 65 हजार मामले ही फिलहाल सक्रिय हैं। इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने एक खुश करने वाला दावा किया है। उनका कहना है, 'दीवाली तक हम कोरोना संक्रमण के प्रसार को काफी हद तक नियंत्रित कर लेंगे।'
आखिर कब काबू में आएगा कोरोना वायरस? स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने किया खुश करने वाला दावा
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनंतकुमार फाउंडेशन द्वारा आयोजित 'नेशन फर्स्ट' वेब सेमिनार में डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'कुछ समय बाद कोरोना वायरस भी अतीत में आए अन्य वायरस की तरह सिर्फ स्थानीय समस्या बनकर रह जाएगा, लेकिन इस वायरस ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। अब हम सभी लोगों को अपनी जीवनशैली को लेकर ज्यादा सावधान और सजग रहने की जरूरत है।'
डॉ. हर्षवर्धन ने कोरोना वैक्सीन को लेकर कहा कि इस साल के अंत तक टीका विकसित कर लिए जाने की उम्मीद है। आपको बता दें कि देश में कोराना की तीन-तीन वैक्सीन पर तेजी से काम हो रहा है। ये तीनों वैक्सीन ह्यूमन ट्रायल यानी मानव परीक्षण के अलग-अलग चरण में हैं। एक का नाम कोवैक्सिन (Covaxin) रखा गया है, जिसे भारत बायोटेक और आईसीएमआर द्वारा विकसित किया जा रहा है। वही, दूसरी वैक्सीन जायकोव-डी(ZyCoV-D) है, जिसे जायडस कैडिला बना रही है और तीसरी वैक्सीन कोविशील्ड रखा गया है। इस वैक्सीन को ब्रिटेन की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है, जिसके उत्पादन की जिम्मेदारी भारतीय कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को मिली है।
सबसे पहले कौन सी वैक्सीन मिलेगी?
भारत में सबसे पहले ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन 'कोविशील्ड' मिलने की उम्मीद है। फिलहाल इसके दूसरे और तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। माना जा रहा है कि दिसंबर तक यह वैक्सीन बाजार में आ जाएगी। बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और गावी के साथ साझेदारी के तहत भारत और निम्न आय वाले देशों के लिए वैक्सीन की 10 करोड़ डोज के उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है।
कोवैक्सिन का ट्रायल कहां तक पहुंचा?
भारत बायोटेक कंपनी और आईसीएमआर के सहयोग से विकसित इस वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल पूरा हो चुका है और दूसरे चरण के ट्रायल की तैयारी चल रही है। माना जा रहा है कि दूसरे चरण का ट्रायल सितंबर में हो सकता है। इसके लिए वॉलंटियर्स (स्वयंसेवकों) की पहचान की जा रही है।