बचपन में लगे सदमे से निकालने में मददगार हो सकते हैं घर के बड़े या रिश्तेदार
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करीब दो दशक के अध्ययन के आधार अमेरिका के ब्रिघम यंग विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं ने दावा किया है कि बचपन में पेश आए बुरे अनुभव (एडवर्स चाइल्डहुड एक्सपीरियंस- एसीई) से उबरने में अच्छे दोस्त, परिवार, शिक्षक और पड़ोसी सबसे बड़े मददगार साबित होते हैं। वे बचपन को सकारात्मक बनाने में मदद करते हैं। लंबे समय में एसीई की वजह से होने वाले स्वास्थ्य पर असर, नशे की आदत, मोटापे और कम आत्मविश्वास जैसी कमजोरियों को भी सहयोगपूर्ण वातावरण से रोका जा सकता है।
इन एसीई में परिवार में किसी सदस्य की मौत, माता-पिता के तलाक, दुर्घटना, हिंसा या अपराध की पीड़ा आदि शामिल हैं। ऐसा किसी के भी साथ और किसी भी परिवार में हो सकता है। बच्चों पर इनका जीवन भर न भुलाया जा सकने वाला असर भी होता है। अध्ययनकर्ता अली क्रेंडल के अनुसार सकारात्मक और सुरक्षापूर्ण माहौल बच्चों को इन बुरे अनुभवों से उबरने में मदद करता है। यह सकारात्मक बचपन पीड़ित बच्चों को एक बेहतर वयस्क बनने में न केवल मदद करता है, बल्कि वे रिश्ते निभाने में भी ज्यादा गंभीर होते हैं।
सिफारिश
अध्ययनकर्ताओं की सिफारिश के अनुसार बच्चे कैसे भी बुरे हालात से गुजरे हों, उन्हें एक सुरक्षित और सकारात्मक माहौल देना हर वयस्क की जिम्मेदारी होनी चाहिए। इसके जरिए ही वे समाज को एक जिम्मेदार वयस्क देने में मदद कर पाएंगे।