कोरोना: घर पर रहें, व्यस्त रहें, एक-दूसरे की करें मदद... मन की मजबूती से ही होगी जीत
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अखबार, टीवी, सोशल मीडिया, दोस्तों, परिजनों... सभी में इस समय कोरोना वायरस पर बात हो रही है। इससे कुछ लोगों में डर महसूस किया जा रहा है। खासकर महिलाएं और बुजुर्ग बेचैनी और घबराहट महसूस कर रहे हैं।
ऐसे में केंद्र सरकार ने एडवाइजरी जारी कर कुछ ऐसी गतिविधियां सुझाई हैं, जिन्हें करते हुए घरों में समय बिता रहे लोग खुद को व्यस्त रख सकते हैं। इस समय सबसे जरूरी है कि हम एक-दूसरे की मदद करें। दरअसल, हम मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे तभी इस महामारी से जंग जीत सकेंगे।
जितने कम लोग बाहर, संक्रमण उतना कम
सबसे पहले यह जान लें कि संक्रमण को एक व्यक्ति से दूसरे में फैलने से रोकने के लिए यह लॉकडाउन किया गया है। अतिआवश्यक न हो तो खरीदारी के लिए न निकलें। जितने कम लोग बाहर निकलेंगे, संक्रमण की आशंका उतनी घटेगी।
सामान्य है अकेला-दुखी महसूस करना, भावनात्मक मजबूती इस प्रकार लाएं
- बेचैनी में गहरी सांस लें। परेशान करने वाले विचारों से दूर रहें। दिमाग को शांत रखें।
- गुस्सा या चिड़चिड़ाहट हो तो 10 से 1 तक उलटी गिनती गिनें, दिमाग को कहीं और केंद्रित करें।
- डर लगे तो सोचें कि आपके नियंत्रण में क्या है? पहले जब तनाव हुआ तो उसे कैसे कम किया था? सकारात्मक रहने के उपाय सोचें।
- अकेला या दुखी महसूस करने पर परिजनों व मित्रों के संपर्क में रहें। उनसे बात करें, खुशनुमा बातों व घटनाओं को याद करें।
- नकारात्मक भावनाएं बनी रहें तो परिजनों व मित्रों से बात करें।
- असहाय या जीवन जीने योग्य न लगे, तो विशेषज्ञ की सहायता लें या हेल्पलाइन 080-46110007 पर फोन करें।
बच्चों से बांटे जिम्मेदारियां, ऐसे बिताएं वक्त
- व्यस्त रहें, अपना शेड्यूल बनाएं और घर के दूसरे सदस्यों को मदद करें।
- नकारात्मक बातों से बचें, संगीत सुनें, खूब पढ़ें, टीवी पर अच्छी फिल्में देखें।
- पुराने शौक जैसे पेंटिंग, गार्डनिंग, म्यूजिक पर भी काम कर सकते हैं।
- शारीरिक सक्रियता बढ़ाएं, कसरत करें।
- घर के आसपास लोगों की मदद करें। बुजुर्गों की रोजमर्रा के कामों, खरीदारी व दवाएं जुटाने में मदद करें।
- बच्चों को घर के काम करना सिखाएं, जिम्मेदारियां बांटें।
सच जानें, अफवाहों से बचें गलत सूचनाएं बनाती हैं डरपोक
सोशल मीडिया पर अनधिकृत स्रोतों से मिली और भड़काने वाली जानकारियां न साझा करें, न खुद इन्हें पढ़ें। इसका दिमाग पर बुरा असर होता है। हर ‘कॉमन कोल्ड’ कोरोना संक्रमण नहीं होता। हर संक्रमित को भी भर्ती करवाने की जगह 14 दिन एकांतवास में रखा जाता है। सही जानकारी के लिए मूल स्रोत पढ़ें, अफवाहों से बचें। आपके पास सही जानकारियां होंगी तो डर नहीं लगेगा। हाथ साफ रखने, दूरी बनाने, जैसे नियमों का सख्ती से पालन करें।