बिहार: डीएलएड वालों के साथ अब बीएड डिग्री धारकों को भी मिलेगा प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति में समान मौका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Updated Thu, 05 Nov 2020 01:04 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹299 Limited Period Offer. HURRY UP!

ख़बर सुनें
बिहार में चुनाव का माहौल गर्म है, राजनीतिक पार्टियों के बड़े बड़े नेता युवाओं को रोजगार देने की बात कर रहे हैं। इसी बीच पटना हाइकोर्ट ने डीएलएड योग्यता वाले अभ्यर्थियों के संबंध में नया आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि प्राइमरी शिक्षकों की बहाली के लिए डीएलएड डिग्री धारकों को प्राथमिकता देना उचित नहीं होगा।
विज्ञापन


साथ ही कोर्ट ने राज्य सरकार के फैसले पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार का फैसला गलत है कि प्राइमरी शिक्षक बहाली में बीएड डिग्री धारकों को डीएलएड डिग्री धारकों के बाद ही मौका दिया जाएगा।


पटना हाइकोर्ट की एकल पीठ ने याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि शिक्षक बहाली से संबंधित नियमों को तो एनसीटीई बनाती है, लेकिन अधिसूचना में तो प्राथमिकता शब्द कहीं भी नहीं है तो बिहार सरकार ने डीएलएड डिग्री धारकों को प्राथमिकता देने की बात कैसे सोची। शिक्षक बहाली की प्रक्रिया के बीच में नियम कैसे बदल गए?

आपको बता दें कि केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली के लिए केवल दो वर्षीय डीएलएड पास प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति की बात कही गई थी, लेकिन  विज्ञापन में इसका जिक्र नहीं था। कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए प्रक्रिया में सुधार लाने का निर्देश दिया है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

 रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X