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Jharkhand: हेमंत सोरेन को झारखंड हाईकोर्ट से झटका, ईडी समन अवहेलना पर फिलहाल कोई राहत नहीं
Thu, 18 Dec 2025 05:05 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रांची
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 18 Dec 2025 05:05 PM IST
सार
अदालत ने स्पष्ट किया कि अगले सुनवाई तक सभी आवश्यक दस्तावेज पेश किए जाएं और फिलहाल किसी भी अंतरिम राहत से परहेज किया। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी समन के कथित उल्लंघन से जुड़ा है, जिसे लेकर एमपी/एमएलए कोर्ट ने संज्ञान लिया था।
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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
ईडी समन अवहेलना प्रकरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को फिलहाल झारखंड हाईकोर्ट से कोई अंतरिम राहत नहीं मिली है। रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को इस मामले में सुनवाई की, जिसमें मुख्यमंत्री की ओर से एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान आदेश को चुनौती दी गई थी। यह प्रकरण कथित जमीन घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जारी समन का अनुपालन न करने का मामला है।
सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अभी रिकॉर्ड पर दाखिल नहीं किए गए हैं, जो मामले की सुनवाई के लिए आवश्यक हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने अदालत से समय देने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री की ओर से किए गए आग्रह को स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई की तिथि 15 जनवरी 2026 तय कर दी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक सभी आवश्यक दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, ताकि मामले पर आगे की कानूनी प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ाई जा सके। फिलहाल अदालत ने किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से परहेज किया है।
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गौरतलब है कि यह मामला ईडी द्वारा जारी समन के कथित उल्लंघन से संबंधित है, जिसे लेकर एमपी/एमएलए कोर्ट ने संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अब सभी की निगाहें 15 जनवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इस प्रकरण में आगे की दिशा तय करेगी।
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सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज अभी रिकॉर्ड पर दाखिल नहीं किए गए हैं, जो मामले की सुनवाई के लिए आवश्यक हैं। इसके मद्देनजर उन्होंने अदालत से समय देने का अनुरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री की ओर से किए गए आग्रह को स्वीकार कर लिया और मामले की अगली सुनवाई की तिथि 15 जनवरी 2026 तय कर दी। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक सभी आवश्यक दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, ताकि मामले पर आगे की कानूनी प्रक्रिया सुचारु रूप से आगे बढ़ाई जा सके। फिलहाल अदालत ने किसी भी प्रकार की अंतरिम राहत देने से परहेज किया है।
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गौरतलब है कि यह मामला ईडी द्वारा जारी समन के कथित उल्लंघन से संबंधित है, जिसे लेकर एमपी/एमएलए कोर्ट ने संज्ञान लिया था। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। अब सभी की निगाहें 15 जनवरी 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत इस प्रकरण में आगे की दिशा तय करेगी।