फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jharkhand ›   Ranchi News ›   jharkhand closed coal mines giridih karma ocp rehabilitation tccm project

झारखंड में बंद कोयला खदानों के पुनर्पयोग की पहल: गिरिडीह और करमा OCP पायलट परियोजना चयनित

Thu, 03 Sep 2026 02:57 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,रांची Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Thu, 03 Sep 2026 02:57 PM IST
सार

झारखंड सरकार ने बंद कोयला खदानों के वैज्ञानिक पुनर्वास और सतत पुनर्पयोग की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए गिरिडीह OCP और रामगढ़ की करमा OCP को पायलट परियोजना के रूप में चुना गया है। भारत सरकार के कोयला मंत्रालय और जर्मनी की GIZ के सहयोग से चल रही TCCM परियोजना के तहत बंद खदानों को पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित और आर्थिक रूप से उपयोगी परिसंपत्तियों में बदलने की योजना है।

विज्ञापन
jharkhand closed coal mines giridih karma ocp rehabilitation tccm project
प्रोजेक्ट को लेकर चर्चा करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झारखंड सरकार ने बंद कोयला खदानों के वैज्ञानिक पुनर्वास और सतत पुनर्पयोग की पहल की है। इसके लिए गिरिडीह ओपन कास्ट प्रोजेक्ट (OCP) और रामगढ़ की करमा OCP को पायलट परियोजना के रूप में चुना गया है। रांची में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में इन खदानों के लिए भारत सरकार को अनुशंसा भेजने पर सहमति बनी।
विज्ञापन


यह पहल भारत सरकार के कोयला मंत्रालय और जर्मनी की संस्था GIZ के सहयोग से Technical Cooperation on To-be-Closed Coal Mines (TCCM) परियोजना के तहत हो रही है। बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। परियोजना का उद्देश्य खदानों को पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित और आर्थिक रूप से उत्पादक परिसंपत्तियों में बदलना है।
विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय अनुभव और आधुनिक तकनीकों पर आधारित यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य कोयला क्षेत्रों में भी लागू होगा। इससे खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरणीय सुधार के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। बंद खदानों की भूमि का उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यटन, कृषि, बागवानी, मत्स्य पालन और कौशल विकास केंद्र के लिए होगा। राज्य सरकार ने इसे झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। खनिज संसाधनों के समाप्त होने के बाद भी खनन क्षेत्रों को उत्पादक बनाए रखना आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


करमा OCP का प्रभाव क्षेत्र
करमा OCP के पांच किलोमीटर के प्रभाव क्षेत्र में आठ गांव चिह्नित किए गए हैं। इनमें सुगिया, मरार, बोंगाबार, करमा, कैथा, कंडेर, लोढ़मा और पैंकी शामिल हैं। यहां सामाजिक-आर्थिक स्थिति और आजीविका के अवसरों का आकलन किया जा रहा है। स्थानीय समन्वय के लिए Mine Closure Advisory समिति का गठन भी किया गया है।


विस्तृत योजना और भविष्य
परियोजना के तहत विस्तृत DPR तैयार की जाएगी। इसमें पर्यावरणीय पुनर्स्थापन, भूमि उपयोग और जल एवं Mine Void Management जैसे पहलू शामिल होंगे। उपयुक्त स्थानों पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं और अन्य निवेश की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। यह मॉडल राज्य में Sustainable Post-Mining Development का आधार बन सकता है। TCCM परियोजना मार्च 2030 तक संचालित होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed