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युवाओं में बढ़ी जांबाज सैनिक बनने की ललक

Sat, 27 Feb 2016 06:49 PM IST
Updated Sat, 27 Feb 2016 06:49 PM IST
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Young excited to join Army

रियासत के युवाओं में फौजी बनने का जुनून पहले से ही रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में यह ललक और भी बढ़ गई है। भर्ती रैली का आयोजन चाहे जम्मू में हो या फिर दूरदराज राजोरी और पुंछ में। आवेदन करने वालों का उत्साह पहले के मुकाबले अधिक हो गया है।

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इसमें भी दीगर है कि पांच अलग-अलग ट्रेड में युवाओं के सबसे ज्यादा आवेदन कांबेटेंट ट्रेड यानी लड़ने वाले जवान श्रेणी में हो रहे हैं। सेना की तरफ युवाओं के बढ़ते रुझान को दर्शाते आंकड़े देखें तो पिछले दो वर्ष के दौरान शहरों से लेकर कसबों और दूरदराज इलाकों में सेना में जाने का बढ़ता क्रेज साफ झलकता है।
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आर्मी रिक्रूटमेंट कार्यालय जम्मू के अनुसार जम्मू संभाग के दस जिलों में वर्ष 2014 से लेकर नवंबर 2015 तक तीन बड़ी भर्ती रैलियां आयोजित की गई हैं। हर बार आवेदकों की संख्या में अप्रत्याशित उछाल दर्ज किया गया है।
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पांच ट्रेड में कांबेटेंट पहली पसंद

Young excited to join Army

सुंजवां में वर्ष 2014 के दौरान 11 जुलाई से 20 जुलाई तक आयोजित की गई भर्ती रैली में कुल 22 हजार 700 से अधिक युवाओं ने आवेदन किया। इसके बाद वर्ष 2014 में ही नगरोटा में 29 अक्तूबर से 7 नवंबर तक भर्ती रैली आयोजित हुई, जिसमें 21 हजार 900 से अधिक युवाओं ने हिस्सा लिया।

इस भर्ती में राजोरी और पुंछ जिले शामिल नहीं थे। जब राजोरी पुंछ के लिए 19 नवंबर से 23 नवंबर तक भर्ती रैली आयोजित की गई तो उसमें 9100 से अधिक आवेदक शामिल हुए।

इसके अगले ही वर्ष सुंजवां में अक्तूबर से नवंबर माह तक 2015 की भर्ती रैली आयोजित की गई, जिसमें 34 हजार 211 आवेदक शामिल हुए। जम्मू कश्मीर में सेना के प्रति युवाओं के बढ़ते आकर्षण पर पूर्व सैन्य अफसर रिटायर्ड कर्नल वीएस मंगोत्रा कहते हैं कि खासकर जम्मू संभाग में सेना एक पारंपरिक संस्थान की तरह है, जिसकी ओर नई पीढ़ियां आकर्षित होती आई हैं।

दूसरी वजह सेना की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का माहौल है। पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष और रिटायर्ड ब्रिगेडियर बीएस संब्याल कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर में आम नागरिक सेना को अपनी दिनचर्या में करीब से देखते हैं। सामान्य हालात से लेकर आपदा के समय सेना आसपास नजर आती है। यही वजह है कि युवाओं में सेना की क्रेज बढ़ती जा रही है।

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