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Jammu News: अखनूर के जिया पोता घाट पर अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन करवाया
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योग सत्र में भाग लेते लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रणवीर परिसर ने मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग, आयुष मंत्रालय के सहयोग से अखनूर के चिनाब नदी किनारे जिया पोता घाट पर अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन करवाया। अतिथियों का स्वागत सचिव डॉ. योगेन्द्र दीक्षित ने किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली से सहायकाचार्या डॉ. इंदू शर्मा ने कहा कि योग एक जीवन पद्धति है। नियमित अभ्यास से जीवन को अनुशासित कर सकते हैं। छात्रों ने योग प्रशिक्षक डॉ. रविकांत तिवारी के निर्देशन में अभ्यास शुरू किया।
डॉ. तिवारी ने योग सम्मेलन के लक्ष्य, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। मुख्यातिथि श्री श्री विश्वविद्यालय कटक उड़ीसा के कुलपति प्रो. बीआर शर्मा ने कहा कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योगाभ्यास जरूरी है। महाराजा श्री भूपेंद्र सिंह खेल विश्वविद्यालय, पटियाला से डॉ. चारू शर्मा ने कहा कि योग जीवन का एक समग्र तरीका है। सिंगापुर की पैट्रा एग जैनशन ने कहा कि योग से प्रतिरक्षा बनी रहती है। इजिप्ट की मैना हेसन अमीण ने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
योग सम्मेलन के दूसरे सत्र के मुख्यातिथि पतंजलि विश्वविद्यालय के डीन प्रो. जीडी शर्मा रहे। मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहाचार्य डॉ. शशिकांत द्विवेदी रहे। अध्यक्षता श्री गुरु रामराय विश्वविद्यालय देहरादून की योगिक विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. सरस्वती काला ने की।
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जम्मू। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रणवीर परिसर ने मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योग, आयुष मंत्रालय के सहयोग से अखनूर के चिनाब नदी किनारे जिया पोता घाट पर अंतरराष्ट्रीय योग सम्मेलन करवाया। अतिथियों का स्वागत सचिव डॉ. योगेन्द्र दीक्षित ने किया। आयुष मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली से सहायकाचार्या डॉ. इंदू शर्मा ने कहा कि योग एक जीवन पद्धति है। नियमित अभ्यास से जीवन को अनुशासित कर सकते हैं। छात्रों ने योग प्रशिक्षक डॉ. रविकांत तिवारी के निर्देशन में अभ्यास शुरू किया।
डॉ. तिवारी ने योग सम्मेलन के लक्ष्य, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। मुख्यातिथि श्री श्री विश्वविद्यालय कटक उड़ीसा के कुलपति प्रो. बीआर शर्मा ने कहा कि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए योगाभ्यास जरूरी है। महाराजा श्री भूपेंद्र सिंह खेल विश्वविद्यालय, पटियाला से डॉ. चारू शर्मा ने कहा कि योग जीवन का एक समग्र तरीका है। सिंगापुर की पैट्रा एग जैनशन ने कहा कि योग से प्रतिरक्षा बनी रहती है। इजिप्ट की मैना हेसन अमीण ने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
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योग सम्मेलन के दूसरे सत्र के मुख्यातिथि पतंजलि विश्वविद्यालय के डीन प्रो. जीडी शर्मा रहे। मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सहाचार्य डॉ. शशिकांत द्विवेदी रहे। अध्यक्षता श्री गुरु रामराय विश्वविद्यालय देहरादून की योगिक विज्ञान विभाग की अध्यक्ष प्रो. सरस्वती काला ने की।
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