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Jammu Kashmir: जम्मू के टाडा कोर्ट में वर्चुअली पेश हुआ यासीन मलिक, मामले में अगली सुनवाई 23 नवंबर को

Wed, 19 Oct 2022 12:04 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Wed, 19 Oct 2022 12:04 PM IST
सार

यासीन मलिक जम्मू के टाडा कोर्ट में वर्चुअल मोड पर कोर्ट में पेश हुआ। एक अन्य गवाह बीके शर्मा को कोर्ट में पेश किया गया। डीके शर्मा ने यासीन को पहले ही इस मामले में पहचान लिया था, जबकि आज आमने-सामने क्रॉस एग्जामिनेशन की गई।

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yasin Malik appeared virtually instead of phyical before TADA court in Jammu
यासीन मलिक - फोटो : एएनआई

विस्तार

पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण मामले में आतंकी एवं अलगाववादी नेता यासीन मलिक की जम्मू की टाडा कोर्ट में बुधवार को व्यक्तिगत पेशी नहीं हो पाई। तिहाड़ जेल प्रशासन ने सुरक्षा के लिए खतरा बताया। जिसे जम्मू टाडा कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद वर्चुअल रूप से यासीन पेश हुआ। अब मामले की अगली सुनवाई 23 नवंबर को होगी। इस समय यासीन तिहाड़ जेल में है। उसने पिछले दिनों व्यक्तिगत पेशी की अपील की थी, जिसकी उसे इजाजत भी मिल गई थी। 

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इसके बाद बुधवार को तिहाड़ जेल प्रशासन ने जम्मू के टाडा कोर्ट से अपील की कि आरोपी यासीन एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा भुगत रहा है, जबकि एनआईए ने इस मामले में उसे मौत की सजा देने की अपील की है, जिसकी सुनवाई दिल्ली एनआईए कोर्ट में चल रही है। लिहाजा यासीन को जेल से बाहर ले जाना सुरक्षा के लिए खतरा है।
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सीबीआई के वकील एसके भट्ट के अनुसार बुधवार को यासीन वर्चुअल मोड पर कोर्ट में पेश हुआ। एक अन्य गवाह बीके शर्मा को कोर्ट में पेश किया गया।   बीके शर्मा और यासीन मलिक की क्रॉस एग्जामिनेशन हुई। बीके शर्मा ने यासीन को पहले ही इस मामले में पहचान लिया था। शर्मा इस मामले का मुख्य गवाह है, जो उस समय आतंकियों की गोलीबारी में घायल हुआ था।

वायुसेना कर्मियों की हत्या में उम्र कैद की हो चुकी है सजा

1990 में यासिन और उसके साथियों ने एयरफोर्स के पांच कर्मियों की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे एनआईए की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि एनआईए ने अदालत में अपील की है कि यासीन को इसके लिए मौत की सजा सुनाई जाए।

यासीन को एनआईए की विशेष अदालत ने इस साल 25 मई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।  यासीन को दो मामलों में उम्रकैद और 10 मामलों में 10 साल सजा सुनाई गई। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके अलावा उस पर 10 लाख रुपए जुर्माना भी लगाया गया था।

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