विश्व ह्रदय दिवस: कोविड चुनौतियों में रखें अपने दिल का ख्याल, जीएमसी में रोजाना पहुंच रहे 20-25 हृदय रोगों के पीड़ित
कोविड चुनौतियों के बीच दिल का अधिक ख्याल रखने की जरूरत है। जम्मू कश्मीर में कोविड की दूसरी लहर के दौरान कई मामलों में देखा गया कि हृदय समस्याओं के कारण बिना इलाज ले रहे लोगों की घर पर ही मौत हो गई और अधिकांश इसे कोविड से हुई मौत समझते रहे।
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कोविड चुनौतियों के बीच दिल का अधिक ख्याल रखने की जरूरत है। जम्मू कश्मीर में कोविड की दूसरी लहर के दौरान कई मामलों में देखा गया कि हृदय समस्याओं के कारण बिना इलाज ले रहे लोगों की घर पर ही मौत हो गई और अधिकांश इसे कोविड से हुई मौत समझते रहे। हार्ट अटैक के लक्षणों को नजरअंदाज करना ऐसे लोगों की जान पर भारी पड़ा। हृदय विशेषज्ञों के अनुसार कोविड दैनिक जीवन में शामिल हो गया है, जिससे हृदय संबंधी अधिक सचेत रहने की जरूरत है। प्रदेश में पिछले कुछ सालों से हार्ट अटैक के मामलों में युवा तेजी से चपेट में आए हैं।
सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा ने बताया कि कोविड की दूसरी लहर के दौरान अधिकतर लोगों ने अस्पतालों तक न पहुंचकर घर पर ही रहकर इलाज लेने की कोशिश की, जिससे हार्ट अटैक और अन्य दूसरे हृदय समस्या संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज करने से बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। जीएमसी में रोजाना छोटे बड़े हार्ट अटैक और अन्य गंभीर हृदय समस्या से पीड़ित 20-25 रोगी पहुंच रहे हैं। कुछ साल पहले तक अधिकतर मामलों में 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में हार्ट अटैक के मामले देखने को मिलते थे जो अब 20 के बाद भी हो रहे हैं।
इसका बड़ा कारण हृदय समस्या संबंधी बीमारियों के प्रति जागरूक नहीं होना है। दरअसल हृदय संबंधी समस्याएं बचपन से ही शुरू हो जाती हैं, जिसमें हृदय की नीड़ियां धीरे धीरे ब्लाक होना शुरू हो जाती हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में 70 से 80 फीसदी ब्लाकेज पर ही लोग अस्पतालों में पहुंचते हैं। इसके लिए हमें बचपन से ही बच्चों में हृदय समस्याओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। कोविड के पीक समय जैसे हालात में हृदय समस्याएं होने पर टेलिमेडिसन जैसी चिकित्सा सेवाओं को जरूर लाभ लें, ताकि पीड़ित को समय पर उपयुक्त उपचार मिलने से उसकी जान बचाई जा सके। विश्व हृदय दिवस पर बुधवार सुबह 7 बजे विक्रम चौक से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल जम्मू तक वाकाथान का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न वर्ग के लोग शामिल होंगे।
पारा गिरने पर बढ़ेंगे हार्ट अटैक के मामले
जम्मू कश्मीर में अक्तूबर माह के शुरू होने के साथ ही सर्दी बढ़ने की आशंका है। जिससे पारा गिरने पर प्रदेश में हार्ट अटैक के मामले भी बढ़ते लगते हैं। कड़ाके की ठंड में शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं। सामान्य से ज्यादा खानपान शरीर में केलोस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ाता है जो खून की सप्लाई को बाधित करता है। शरीर में खून में कंपोनेंट के आपस में जुड़ने से हार्ट अटैक की आशंका रहती है। मोटापा, तनाव, हाईपरटेंशन और अधिक मधुमेह भी दिल को खत्म करने का कारण बनता है।
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हो जाएं सावधान
1. चलते या बैठते समय अचानक चक्कर आ जाना
2. छाती में हल्का भारीपन रहना या तेज दर्ज होना
3. आंखों के आगे अचानक अंधेरा छा जाना
4. सिर में भारी पन का अहसास होना
5. सामान्य चलने पर भी सांस का फूलना
बचान के उपाय
1. चिकनाई और चरबी युक्क खाद्य पदार्थों से परहेज करें
2. मीठी चीजों का सेवन कम करें
3. तनाव से बचाव के उपाय अपनाएं
4. व्यायाम को रोजमर्रा जिंदगी का हिस्सा बनाएं
5. दिन में कम से कम 30 से 60 मिनट चलें
6. शरीर में सामान्य 120/80 एमएम एचजी ब्लड प्रेशर को कायम रखें
हृदय रोगी इसे न करें
1. हृदय रोगी चढ़ाई या ज्यादा चलने से परहेज करें
2. कैलोस्ट्राल बढ़ाने वाले पदार्थों का सेवन न करें
3. तत्काल प्रभाव से तंबाकू और धूम्रपान छोड़ें
4. ताजा फल सब्जियों का ज्यादा सेवन करें