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Jammu News: पुलिस अधिकारियों को बताया नशे के मामलों से जूझने का तरीका
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पुलिस ने मादक पदार्थों के मामलों की जांच पर कार्यशाला का किया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिला पुलिस कार्यालय में अधिकारियों ने मादक पदार्थों के मामलों की जांच पर कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें अतिरिक्त एसपी सांबा सुरिंदर चौधरी, एसडीपीओ विजयपुर राहुल नागर, डीएसपी ऑपरेशंस सांबा गारू राम भारद्वाज, डीएसपी डीएआर अजय आनंद, सीनियर पीओ रविंदर कुमार, आदि ने भाग लिया। इसका उद्देश्य एनडीपीएसए मामलों में कमियों से मुक्त जांच सुनिश्चित करना था। ताकि, सजा दर में वृद्धि हो सके और नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के लिए एक प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।
इस अवसर पर डीसी अभिषेक शर्मा, एसएसपी बेनाम तोश और संयुक्त निदेशक अभियोजन पवन खजूरिया ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामलों में छापा, तलाशी और जांच करते हुए उचित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने सलाह दी कि पुलिस, मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों के राजपत्रित अधिकारियों को तलाशी और छापा मारने के दौरान शामिल किया जाना चाहिए और एसएसपी, एसडीपीओ, पर्यवेक्षी कार्यालयों और अभियोजन अधिकारियों से एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पहले व इस दौरान भी परामर्श किया जाना चाहिए। ताकि, शत प्रतिशत दोष सिद्ध हो सके और अवैध नारको तस्करी के सभी अभियुक्तों, साजिशकर्ताओं और उकसाने वालों को गिरफ्तार किया जा सके।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नशीले पदार्थों के उन्मूलन के लिए आवश्यक होने पर सभी प्रकार की सहायता देने का आश्वासन दिया। नशा आपूर्तिकर्ताओं को पीआईटीएनडीपीएस के तहत हिरासत में लेने की सिफारिश की जानी चाहिए और उनकी बड़ी संपत्ति, यदि नारको कारोबार के अवैध तरीकों से जमा हुई है, को कानून के अनुसार कुर्क किया जाना चाहिए।
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सांबा। जिला पुलिस कार्यालय में अधिकारियों ने मादक पदार्थों के मामलों की जांच पर कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें अतिरिक्त एसपी सांबा सुरिंदर चौधरी, एसडीपीओ विजयपुर राहुल नागर, डीएसपी ऑपरेशंस सांबा गारू राम भारद्वाज, डीएसपी डीएआर अजय आनंद, सीनियर पीओ रविंदर कुमार, आदि ने भाग लिया। इसका उद्देश्य एनडीपीएसए मामलों में कमियों से मुक्त जांच सुनिश्चित करना था। ताकि, सजा दर में वृद्धि हो सके और नशीली दवाओं के खतरे से निपटने के लिए एक प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।
इस अवसर पर डीसी अभिषेक शर्मा, एसएसपी बेनाम तोश और संयुक्त निदेशक अभियोजन पवन खजूरिया ने नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट के तहत मामलों में छापा, तलाशी और जांच करते हुए उचित प्रक्रिया का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने सलाह दी कि पुलिस, मजिस्ट्रेट और स्वतंत्र गवाहों के राजपत्रित अधिकारियों को तलाशी और छापा मारने के दौरान शामिल किया जाना चाहिए और एसएसपी, एसडीपीओ, पर्यवेक्षी कार्यालयों और अभियोजन अधिकारियों से एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने से पहले व इस दौरान भी परामर्श किया जाना चाहिए। ताकि, शत प्रतिशत दोष सिद्ध हो सके और अवैध नारको तस्करी के सभी अभियुक्तों, साजिशकर्ताओं और उकसाने वालों को गिरफ्तार किया जा सके।
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उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नशीले पदार्थों के उन्मूलन के लिए आवश्यक होने पर सभी प्रकार की सहायता देने का आश्वासन दिया। नशा आपूर्तिकर्ताओं को पीआईटीएनडीपीएस के तहत हिरासत में लेने की सिफारिश की जानी चाहिए और उनकी बड़ी संपत्ति, यदि नारको कारोबार के अवैध तरीकों से जमा हुई है, को कानून के अनुसार कुर्क किया जाना चाहिए।
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