{"_id":"646933c3ab96ec49a60dc836","slug":"with-the-new-system-of-demonetisation-black-money-will-be-tightened-jammu-news-c-10-jam1008-120580-2023-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: नोटबंदी की नई व्यवस्था से कालेधन पर कसेगी नकेल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: नोटबंदी की नई व्यवस्था से कालेधन पर कसेगी नकेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उद्योगपतियों और कारोबारियों ने कहा- कर दायरा बढ़ने से देश मजबूत होगा
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। देश में 2000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद करने के फैसले का कारोबारियों और उद्योगपतियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि देश डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहा है और पहले ही अधिकांश चीजें जीएसटी के दायरे में आ गई हैं। इस नई व्यवस्था से कालेधन पर रोक लगेगी और देश मजबूत होगा।
फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने 2000 के नोट बंद करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उद्योगपति पहले से ही किसी भी सामग्री की खरीद को जीएसटी के दायरे में कर रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों का वेतन का भुगतान भी बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से किया जा रहा है, ऐसे में 2000 रुपये की जरूरत नहीं है। इस नई व्यवस्था ने काला धन जमा करने वालों पर नकेल कसेगी। आज छोटा व्यवसायी भी डिजिटल माध्यम से लेन देन का काम कर रहा है। पूर्व चेयरमैन जेएंडके ब्रांच आफ इंडियन इंस्टीट्यूट आफ चार्टेज अकाउंटेंट सीए ललित कुमार ने बताया कि पहले हुई नोटबंदी के बाद 2000 रुपये का नोट इसलिए निकाला गया था कि बड़ी करंसी की जरूरत थी और इसे बंद ही होना था। दूसरे देशों में भी इतने बड़े नोट नहीं होते हैं। आम लोगों को भी इतने बड़े नोटों की जरूरत नहीं होती है। आज देश में आनलाइन भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से आम लोगों की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के प्रधान दीपक गुप्ता ने बताया कि व्यापारी और कारोबारी पहले ही 2016 के बाद से डिजिटल माध्यम से अधिक ऑनलाइन लेनदेन कर रहा है। आज छोटा व्यवसायी भी इस व्यवस्था को अपना रहा है। 2000 रुपये का नोट बंद करने से टेरर फंडिंग पर लगाम लगेगी। इसके साथ देशविरोधी गतिविधियों में बड़े पैमाने पर बड़े नोटों के लेनदेन पर रोक लगेगी। बड़े नोटों के जाली कारोबार पर भी नकेल कसेगी। नई व्यवस्था से कर का दायरा बढ़ेगा। जिससे देश में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और देश अर्थव्यवस्था में नंबर एक पर आएगा। वहीं, देश में 2000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद करने का असर पहले दिन ही दिखा। जम्मू कश्मीर में लोग शनिवार को अपने बैंक खातों में दो हजार रुपये के नोट जमा करवाने पहुंचे। हालांकि 2000 रुपये को बैंकों से बदलवाने की प्रक्रिया 23 मई से शुरू होनी है, जिससे आगामी दिनों में इसमें बड़ी संख्या में लोग बैंकों तक पहुंच सकते हैं। इसमें एक बार में सिर्फ 10 नोट (बीस हजार रुपये) ही बदलवाए जा सकते हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। देश में 2000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद करने के फैसले का कारोबारियों और उद्योगपतियों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि देश डिजिटाइजेशन की ओर बढ़ रहा है और पहले ही अधिकांश चीजें जीएसटी के दायरे में आ गई हैं। इस नई व्यवस्था से कालेधन पर रोक लगेगी और देश मजबूत होगा।
फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज जम्मू के चेयरमैन ललित महाजन ने 2000 के नोट बंद करने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उद्योगपति पहले से ही किसी भी सामग्री की खरीद को जीएसटी के दायरे में कर रहे हैं। औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों का वेतन का भुगतान भी बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से किया जा रहा है, ऐसे में 2000 रुपये की जरूरत नहीं है। इस नई व्यवस्था ने काला धन जमा करने वालों पर नकेल कसेगी। आज छोटा व्यवसायी भी डिजिटल माध्यम से लेन देन का काम कर रहा है। पूर्व चेयरमैन जेएंडके ब्रांच आफ इंडियन इंस्टीट्यूट आफ चार्टेज अकाउंटेंट सीए ललित कुमार ने बताया कि पहले हुई नोटबंदी के बाद 2000 रुपये का नोट इसलिए निकाला गया था कि बड़ी करंसी की जरूरत थी और इसे बंद ही होना था। दूसरे देशों में भी इतने बड़े नोट नहीं होते हैं। आम लोगों को भी इतने बड़े नोटों की जरूरत नहीं होती है। आज देश में आनलाइन भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस नई व्यवस्था से आम लोगों की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के प्रधान दीपक गुप्ता ने बताया कि व्यापारी और कारोबारी पहले ही 2016 के बाद से डिजिटल माध्यम से अधिक ऑनलाइन लेनदेन कर रहा है। आज छोटा व्यवसायी भी इस व्यवस्था को अपना रहा है। 2000 रुपये का नोट बंद करने से टेरर फंडिंग पर लगाम लगेगी। इसके साथ देशविरोधी गतिविधियों में बड़े पैमाने पर बड़े नोटों के लेनदेन पर रोक लगेगी। बड़े नोटों के जाली कारोबार पर भी नकेल कसेगी। नई व्यवस्था से कर का दायरा बढ़ेगा। जिससे देश में बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और देश अर्थव्यवस्था में नंबर एक पर आएगा। वहीं, देश में 2000 रुपये के नोटों का प्रचलन बंद करने का असर पहले दिन ही दिखा। जम्मू कश्मीर में लोग शनिवार को अपने बैंक खातों में दो हजार रुपये के नोट जमा करवाने पहुंचे। हालांकि 2000 रुपये को बैंकों से बदलवाने की प्रक्रिया 23 मई से शुरू होनी है, जिससे आगामी दिनों में इसमें बड़ी संख्या में लोग बैंकों तक पहुंच सकते हैं। इसमें एक बार में सिर्फ 10 नोट (बीस हजार रुपये) ही बदलवाए जा सकते हैं।
विज्ञापन