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भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को नई पहचान देंगे: हर्षवर्धन

Thu, 20 Oct 2016 11:06 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Thu, 20 Oct 2016 11:06 PM IST
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Will give new heights to indian medical system says dr harshwardhan
भू विज्ञान मंत्री डा.हर्षवर्धन - फोटो : File Photo

सीएसआईआर के उपप्रधान एवं केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व भू विज्ञान मंत्री डा. हर्षवर्धन ने कहा कि विश्व स्तर पर भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को नई पहचान दी जाएगी। विज्ञान की मदद से चिकित्सा पद्धति को आधुनिक बनाया जाएगा। भारत को यह चिकित्सा पद्धति विरासत में मिली है।

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लेकिन इसे नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीएसआईआर-आईआईआईएम (इंडियन इंस्टीट्यूट आफ इंटिग्रेटिड मेडिसन) जम्मू को और मजबूत बनाया जाएगा। डा. वर्धन वीरवार को सीएसआईआर जम्मू में एक कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे। 
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भारत में सीएसआईआर जम्मू का विशेष संस्थान है। पूरी दुनिया में भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को प्रभावी बनाने के लिए यहां कई शोध किए जा रहे हैं। इस दौरान मंत्री के साथ पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सहित व अन्य आला अधिकारियों ने ब्ल्यूएचओ सीजीएमपी (करंट गुड मैनफैक्चरिंग प्रैक्टिस प्लांट) का उद्घाटन किया। 

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भारत में निजी सेक्टर में पहली सीजीएमपी सुविधा शुरू

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पहली सीजीएमपी सुविधा शुरू - फोटो : Amar Ujala

भारत में निजी सेक्टर में पहली सीजीएमपी सुविधा शुरू हुई है। इस पर पिछले पांच साल से काम हो रहा था। इसे ड्रग एंड फूड कंट्रोल आर्गनाइजेशन जम्मू-कश्मीर की ओर से उत्पादन लाइसेंस दिया गया है। पीएमओ में मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नए प्रोजेक्टों के शुरू होने से युवाओं को रोजगार के नए आयाम मुहैया होंगे।

निदेशक डा. राम विश्वकर्मा ने बताया कि सीजीएमपी सुविधा में बाटएनिकल/हाइटोफार्मामेकिटल विश्व स्तरीय ढांचा और उत्पादन होगा। सीएसआईआर दवाओं के शोध और प्राकृतिक पदार्थों को कनवर्ट करने की दिशा में भी काम कर रहा है। सीजीएमपी सुविधा को टेक्नोलाजी बिजनेस इनक्यूबएटर (टीबीआई) के लिए भी प्रयोग में लाया जाएगा।

इस दौरान मंत्रियों के साथ डा. गिरीण साहनी डीजी सीएसआईआर ने सीएसआईआर के विभिन्न वैज्ञानिक डिवीजनों का दौरा किया। डा. वर्धन और डा. जितेंद्र सिंह ने स्टाफ और आईआईआईएम के विद्यार्थियों से संवाद कर विभिन्न जिज्ञासों को दूर किया। 

सर रामनाथ चोपड़ा की प्रतिमा का अनावरण

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केंद्रीय मंत्री डा.हर्षवर्धन और डा.जितेंद्र सिंह - फोटो : Amar Ujala

सीएसआईआर-आईआईआईएम जम्मू कैंपस में वीरवार को केंद्रीय मंत्री डा. हर्षवर्धन और डा. जितेंद्र सिंह ने आईआईआईएम के संस्थापक सर रामनाथ चोपड़ा की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने प्राकृतिक स्रोतों से दवाओं के शोध पर सराहनीय काम किया।

वह जम्मू-कश्मीर की विविधता को बेहतर ढंग से समझते थे। उन्होंने ड्रग रिसर्च लेबोरेटरी में 1941 तक दो दशक तक काम किया। वर्ष 1957 में सीएसआईआर के वह पहले निदेशक बने। डा. सिंह ने कहा कि सर चोपड़ा की प्रतिमा का 70 वर्ष पहले अनावरण हो जाना चाहिए था। लेकिन अब मोदी सरकार के नेतृत्व में यह नेक कार्य पूरा किया गया है। 

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