{"_id":"62acc3b1e1e7ae06631945cb","slug":"weather-samba-news-jmu262149286","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश न होने से कंडी क्षेत्र में आम की फसल में गिरावट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश न होने से कंडी क्षेत्र में आम की फसल में गिरावट
विज्ञापन
परगवाल में खेत तैयार करने में जुटा किसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाड़ी ब्राह्मणा। बढ़ती गर्मी और बारिश ना होने से आम की फसल में गिरावट आना शुरू हो गया है। कंडी क्षेत्र में किसान गौतम सिंह जमवाल ने बताया कि इस बार भीषण गर्मी और बारिश में देरी से आम की फसल में गिरावट हो रही है, जिससे आम की फसल को काफी नुकसान हो रहा है।
बारिश न होने से आम का आकार भी नहीं बन पा रहा है। समय से पहले ही आम पक रहे हैं, जिससे उनका स्वाद भी गायब हो रहा है। बाजारों में बिकने के लिए भी तैयार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने आम का बगीचा भी लगाया है, लेकिन इस बार गर्मी की वजह से भारी नुकसान हो रहा है। गर्मी की वजह से पानी का स्तर भी काफी नीचे चला गया है, जिससे पेड़ पौधे सूखने की कगार पर आ गए हैं। आम की भरपूर पैदावार के लिए बारिश का होना बहुत जरूरी है, अगर अगले 10 से 15 दिन तक बारिश नहीं होती है। तो इस बार आम की फसल काफी बर्बाद हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
बारिश के बाद मिली गर्मी से राहत
विजयपुर। क्षेत्र में शुक्रवार को हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। काफी दिनों से गर्मी के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। बारिश के बाद मौसम ने करवट बदली और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले काफी दिनों से गर्मी पड़ रही थी। ऊपर से बिजली की भी भारी कटौती चल रही थी, बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली है। संवाद
विज्ञापन
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
रामगढ़। क्षेत्र में शुक्रवार को बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों का कहना है कि बहुत अच्छे समय पर बारिश हुई है। इस समय हमें खेतों में धान की फसल के लिए जमीन तैयार करना था। हमें मवेशियों के लिए भी हरे चारे की बुवाई करनी थी। हमारे खेतों में बहुत नमीं आ गई है, जिससे ट्रैक्टर खेतों में बड़ी आसानी से चलेंगे और बारिश से ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है। कुछ दिनों से पारा चढ़ता जा रहा था, जिसके चलते बाजारों में भी रौनक गायब हो गई थी। संवाद
धान की रोपाई का काम हुआ तेज
रामगढ़। सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान सिंचाई पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। वीरवार की रात हुई बारिश से किसानों को काफी राहत मिली है। रामगढ़ क्षेत्र में धान की रोपाई का काम तेज हो गया है।
धान की फसल के लिए बारिश संजीवनी बनकर बरसी है। किसानों का कहना है कि सिंचाई जल की कमी के कारण रामगढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे थे, लेकिन वीरवार रात हुई बारिश से किसान धान की रोपाई के कार्य में जुट गए हैं। किसान रमेश लाल, अशोक कुमार, सतपाल, साधुराम आदि का कहना है कि बारिश से काफी राहत मिली है, और सूखी पड़ी जमीनों में जान आ गई है। जो किसान धान की रोपाई के लिए पानी का इंतजार कर रहे थे, अब वह भी कार्य पूरा कर पाएंगे। किसानों का कहना है कि पहाड़ी व कंडी क्षेत्रों की अपेक्षा सीमावर्ती इलाकों में बारिश कम हुई है व धान की रोपाई का कार्य पूरा करने के लिए के लिए अभी और सिंचाई जल व बारिश की जरूरत है।
परगवाल में बारिश से किसानों को मिली दोहरी राहत
परगवाल। वीरवार रात को हुई बारिश से यहां आम लोगों को गर्मी से थोडी़ राहत मिली है, वहीं सीमा क्षेत्र परगवाल के किसानों का कहना था कि बारिश से उनके खेतों को संजीवनी मिली है। बारिश से जमीन नम होने के बाद खेतों में पानी देकर किसान अपनी धान की फसल लगाने की तैयारियों में जूट गए हैं।
किसान रमेश सिंह का कहना था कि कुछ दिनों से क्षेत्र में भीषण गर्मी से उनका बुरा हाल था, बारिश नहीं होने से उनको धान की फसल की चिंता भी सताने लगी थी, और गर्मी से वह खेतों में ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहे थे, लेकिन वीरवार शाम से मौसम ने करवट बदली है। बारिश से यहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं धान लगाने का रास्ता भी साफ हो गया है। क्योंकि फसल लगाने से पहले बारिश होना सोने पे सुहागा माना जाता है। संवाद
विज्ञापन
बारिश न होने से आम का आकार भी नहीं बन पा रहा है। समय से पहले ही आम पक रहे हैं, जिससे उनका स्वाद भी गायब हो रहा है। बाजारों में बिकने के लिए भी तैयार नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने आम का बगीचा भी लगाया है, लेकिन इस बार गर्मी की वजह से भारी नुकसान हो रहा है। गर्मी की वजह से पानी का स्तर भी काफी नीचे चला गया है, जिससे पेड़ पौधे सूखने की कगार पर आ गए हैं। आम की भरपूर पैदावार के लिए बारिश का होना बहुत जरूरी है, अगर अगले 10 से 15 दिन तक बारिश नहीं होती है। तो इस बार आम की फसल काफी बर्बाद हो जाएगी, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है।
विज्ञापन
बारिश के बाद मिली गर्मी से राहत
विजयपुर। क्षेत्र में शुक्रवार को हुई बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। काफी दिनों से गर्मी के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। बारिश के बाद मौसम ने करवट बदली और लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि पिछले काफी दिनों से गर्मी पड़ रही थी। ऊपर से बिजली की भी भारी कटौती चल रही थी, बारिश के बाद गर्मी से राहत मिली है। संवाद
विज्ञापन
बारिश से किसानों के चेहरे खिले
रामगढ़। क्षेत्र में शुक्रवार को बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। किसानों का कहना है कि बहुत अच्छे समय पर बारिश हुई है। इस समय हमें खेतों में धान की फसल के लिए जमीन तैयार करना था। हमें मवेशियों के लिए भी हरे चारे की बुवाई करनी थी। हमारे खेतों में बहुत नमीं आ गई है, जिससे ट्रैक्टर खेतों में बड़ी आसानी से चलेंगे और बारिश से ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है। कुछ दिनों से पारा चढ़ता जा रहा था, जिसके चलते बाजारों में भी रौनक गायब हो गई थी। संवाद
धान की रोपाई का काम हुआ तेज
रामगढ़। सीमावर्ती क्षेत्रों के किसान सिंचाई पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। वीरवार की रात हुई बारिश से किसानों को काफी राहत मिली है। रामगढ़ क्षेत्र में धान की रोपाई का काम तेज हो गया है।
धान की फसल के लिए बारिश संजीवनी बनकर बरसी है। किसानों का कहना है कि सिंचाई जल की कमी के कारण रामगढ़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे थे, लेकिन वीरवार रात हुई बारिश से किसान धान की रोपाई के कार्य में जुट गए हैं। किसान रमेश लाल, अशोक कुमार, सतपाल, साधुराम आदि का कहना है कि बारिश से काफी राहत मिली है, और सूखी पड़ी जमीनों में जान आ गई है। जो किसान धान की रोपाई के लिए पानी का इंतजार कर रहे थे, अब वह भी कार्य पूरा कर पाएंगे। किसानों का कहना है कि पहाड़ी व कंडी क्षेत्रों की अपेक्षा सीमावर्ती इलाकों में बारिश कम हुई है व धान की रोपाई का कार्य पूरा करने के लिए के लिए अभी और सिंचाई जल व बारिश की जरूरत है।
परगवाल में बारिश से किसानों को मिली दोहरी राहत
परगवाल। वीरवार रात को हुई बारिश से यहां आम लोगों को गर्मी से थोडी़ राहत मिली है, वहीं सीमा क्षेत्र परगवाल के किसानों का कहना था कि बारिश से उनके खेतों को संजीवनी मिली है। बारिश से जमीन नम होने के बाद खेतों में पानी देकर किसान अपनी धान की फसल लगाने की तैयारियों में जूट गए हैं।
किसान रमेश सिंह का कहना था कि कुछ दिनों से क्षेत्र में भीषण गर्मी से उनका बुरा हाल था, बारिश नहीं होने से उनको धान की फसल की चिंता भी सताने लगी थी, और गर्मी से वह खेतों में ठीक तरह से काम नहीं कर पा रहे थे, लेकिन वीरवार शाम से मौसम ने करवट बदली है। बारिश से यहां गर्मी से राहत मिली है, वहीं धान लगाने का रास्ता भी साफ हो गया है। क्योंकि फसल लगाने से पहले बारिश होना सोने पे सुहागा माना जाता है। संवाद