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उमस व तपती लू से बढ़ी लोगों की मुश्किलें
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अरनिया। करीब चार दिनों से गर्मी ने रूद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। वहीं धान की रोपाई का चल रहे सीजन पर विपरीत असर पड़ना शुरू हो चुका है। किसानों के अनुसार न तो नहरों में पानी और लोवोल्टेज के कारण न ही पंप चल रहे हैं।
मदन लाल, बलबीर कुमार, रमेश लाल, मंजीत सिंह, नेकराम व गुरमीत सिंह आदि क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अभी धान रोपाई का समय चल रहा है, मगर उमस व लू से खेतों में सिंचाई कर पाना मुश्किल हो रहा है। अगर किसी अन्य से सिंचाई हो भी जाए तो धान लगाने के लिए कोई भी नहीं मान रहा, जिसका मुख्य कारण भीषण गर्मी बताया जा रहा है।
किसानों के अनुसार पूर्व अनुमान के तहत मौसम विभाग ने 28 जून को मानसून राज्य में आगमन बताया था, मगर यहां तो भीषण गर्मी, उमस व लू ने सब कुछ उल्टा कर दिया। इस भीषण गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि बिजली की आंख मिचौनी व वोल्टेज से घरों में ही रहने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।
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आसमान से बरसने लगी आग, जनजीवन बेहाल
परगवाल। क्षेत्र में मौजूदा समय भीषण गर्मी पड़ रही है। लोगों ने गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर अपने आपको ठंडा रखने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार सुबह से ही गर्मी ने प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर तक गर्मी पूरे चरम पर रही। गर्मी से निजात पाने के लिए बुजुर्गों ने पेड़ की छांव में बैठकर राहत पाई। बाजारों और गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। लू के थपेड़े झुलसाने पर आमादा थे। हर कोई गर्मी से राहत पाने की जुगत में था। बिजली पर चलने वाले उपकरण नहीं चलने से लोगों में गर्मी से त्राहि-त्राहि मची रही। दूसरी तरफ आग उगलती गर्मी में आम लोगों के साथ-साथ मवेशियों का भी बुरा हाल रहा। कई जगह वह पेड़ों की छांव के नीचे वह हांफते देखे गए। संवाद
गर्मी के चलते बाजार सुनसान
विजयपुर। क्षेत्र में पड़ रही गर्मी के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि काफी दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है, जिस कारण लोगों में त्राहि-त्राहि मची है। ऊपर से बिजली कटौती चल रही है। बारिश न होने के कारण भी गर्मी बढ़ रही है, जिस कारण बच्चे, बुजुर्ग, पशु, पक्षी परेशान हैं। गर्मी के चलते बाजार भी सुनसान हैं। लोग इंद्र देवता से प्रार्थना कर रहे हैं कि बारिश की जाए। संवाद
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मदन लाल, बलबीर कुमार, रमेश लाल, मंजीत सिंह, नेकराम व गुरमीत सिंह आदि क्षेत्र के किसानों का कहना है कि अभी धान रोपाई का समय चल रहा है, मगर उमस व लू से खेतों में सिंचाई कर पाना मुश्किल हो रहा है। अगर किसी अन्य से सिंचाई हो भी जाए तो धान लगाने के लिए कोई भी नहीं मान रहा, जिसका मुख्य कारण भीषण गर्मी बताया जा रहा है।
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किसानों के अनुसार पूर्व अनुमान के तहत मौसम विभाग ने 28 जून को मानसून राज्य में आगमन बताया था, मगर यहां तो भीषण गर्मी, उमस व लू ने सब कुछ उल्टा कर दिया। इस भीषण गर्मी से आम जनजीवन प्रभावित रहा। हालांकि बिजली की आंख मिचौनी व वोल्टेज से घरों में ही रहने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।
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आसमान से बरसने लगी आग, जनजीवन बेहाल
परगवाल। क्षेत्र में मौजूदा समय भीषण गर्मी पड़ रही है। लोगों ने गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय कर अपने आपको ठंडा रखने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार सुबह से ही गर्मी ने प्रचंड रूप दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर तक गर्मी पूरे चरम पर रही। गर्मी से निजात पाने के लिए बुजुर्गों ने पेड़ की छांव में बैठकर राहत पाई। बाजारों और गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। लू के थपेड़े झुलसाने पर आमादा थे। हर कोई गर्मी से राहत पाने की जुगत में था। बिजली पर चलने वाले उपकरण नहीं चलने से लोगों में गर्मी से त्राहि-त्राहि मची रही। दूसरी तरफ आग उगलती गर्मी में आम लोगों के साथ-साथ मवेशियों का भी बुरा हाल रहा। कई जगह वह पेड़ों की छांव के नीचे वह हांफते देखे गए। संवाद
गर्मी के चलते बाजार सुनसान
विजयपुर। क्षेत्र में पड़ रही गर्मी के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि काफी दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है, जिस कारण लोगों में त्राहि-त्राहि मची है। ऊपर से बिजली कटौती चल रही है। बारिश न होने के कारण भी गर्मी बढ़ रही है, जिस कारण बच्चे, बुजुर्ग, पशु, पक्षी परेशान हैं। गर्मी के चलते बाजार भी सुनसान हैं। लोग इंद्र देवता से प्रार्थना कर रहे हैं कि बारिश की जाए। संवाद