कश्मीर में बाढ़ का खतरा टला, 15 की मौत
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जम्मू कश्मीर में अधिकारियों ने मुताबिक बाढ़ का खतरा टल गया है। स्थिति नियंत्रण में है और श्रीनगर में सैलाब नहीं आएगा। श्रीनगर में पिछले 18 घंटे से बारिश थमी हुई है।
अब झेलम नदी के पानी का स्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है और लोगों में भय के माहौल में कमी आई है। फिलहाल झेलम नदी संगम के पास 16 फीट के निशान पर बह रही है। लेकिन मुंशीबाग में झेलम अब भी खतरे के निशान पर पर बह रही है। यहां पर नदी का जल स्तर 18 फीट से ज्यादा बन हुआ है।
बडगाम जिले के लेडेन गांव में भूस्खलन से धंसे तीन घरों के 21 लापता लोगों में से 15 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं जबकि 16 अभी भी दबे होने की संभावना है।। सेना और स्तानीय प्रशासन अभी मलवा हटाने का काम कर रहा है।
20 से ज्यादा राहत शिविर बनाए गए
बाढ़ प्रभावित इलाकों में मदद के लिए वोट और राहत सामग्री के साथ केंद्र की एनडीआरएस टीम पहुंच गई हैं। प्रभावित इलाकों से लोगों को बाहर निकालने का काम जारी है। 20 से ज्यादा राहत शिविर बनाए गए हैं। वहीं सेना भी राहत और बचाव के लिए पूरी तरह तैयार है। सेना ने इसे ऑपरेशन मेघराहत का नाम दिया है।
एक अप्रैल से चार अप्रैल तक मौसम फिर खतरनाक होने के अनुमानों ने यहां के वाशिंदों से लेकर प्रशासन और सरकार तक को चिंतित कर रखा है। पिछले 24 घंटों में नौ लोगों की मौत हो चुकी है। बड़गाम में 16 लोग अभी भी मलबे में दबे हैं। उन्हें निकालने की कोशिश लगातार जारी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे हालात पर लगातार नजर रखे हैं। उन्होंने राज्य शासन के साथ समन्वय के लिए केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को श्रीनगर भेजा है। उन्होंने सुबह श्रीनगर के हालात देखे।