फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   weather

मौसम के मिजाज को बिगड़ता देख किसानों के चेहरे मुरझाए

विज्ञापन
weather
बिश्नाह। मौसम के बदलते मिजाज से जहां पहले हुई बारिश के कारण किसान खेतों में इस बार गेहूं की फसल नहीं लगा पाए। वहीं धान की फसल भी खेतों में ही खराब हो गई। इसके चलते किसान इस बार खाली पड़े खेतों में सब्जियां या अन्य फसलें लगाने की तैयारी में थे। इस बीच मौसम के मिजाज से उनके चेहरे मुरझाने शुरू हो गए हैं।
विज्ञापन

देवली के किसान विजय चौधरी ने कहा कि वह मौजूदा समय में अपने खेतों में तरबूज की खेती करना चाहते थे, लेकिन मौसम के बिगड़ते मिजाज के कारण उन्होंने अब कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। वहीं लसवाड़ा के किसान रमेश अपने खेतों में उड़द की खेती करना चाहते थे। चकबाना के शशीकांत ने अपने खेतों में भिंडी और करैले की खेती करना चाहते थे। वहीं मक्खनपुर के किसान अपने खेतों में तरबूज और बींस की खेती करना चाहते थे। परंतु कर नहीं पाए क्योंकि मौसम के बदले मिजाज ने उनकी राह रोक ली। इस बार क्षेत्र के अधिकतर इलाके में गेहूं की फसल नहीं लग पाने के कारण किसान सब्जियों की खेती करना चाहते थे। संवाद
विज्ञापन

-------
मौसम बिगड़ने से किसान मायूस
परगवाल। सीमा क्षेत्र में मंगलवार को मौसम के एक बार फिर बिगड़ने से किसानों ने चिंता जताई है। हालांकि क्षेत्र में बारिश तो नहीं हुई, लेकिन किसान वर्ग चिंतित दिखा। किसानों का कहना है कि अगर बारिश हो जाती है तो उनकी गेहूं की फसल प्रभावित हो सकती है। इससे पहले क्षेत्र में लगातार तेज धूप खिली रही, जिसे किसान वर्ग गेहूं की फसल के लिए अच्छा मान रहा था। स्थानीय किसान राकेश सिंह ने कहा कि तेज धूम खिलने से वह जंगली घास और कीड़ों से अपनी फसल को बचाने के लिए दवाइयों का छिड़काव में जुटे रहे, जिसके लिए धूप खिलने से वह जंगली घास और कीड़ों से अपनी फसल को बचाने के लिए दवाइयां के छिड़काव में जुट थे, जिसके लिए धूप की दरकार होती है, वहीं मौसम खराब होने से वह चिंतित हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

-------------
किसानों के शत प्रतिशत केसीसी बनाए जाएंगे
सांबा। किसानों के शत प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) बनाए जाने के दिए निर्देश पर जिला कृषि विभाग ने अभियान शुरू किया है। इसी संदर्भ में अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ के साथ बैठक कर उन्हें निर्देश दिया कि 31 मार्च केसीसी बनाए जाएं। अनुसार अनुसार जिले में 41765 किसान हैं। जिनमें से 14750 किसानों के केसीसी बन चुके हैं। ऐसे में अब प्रत्येक किसान को केसीसी का लाभ देने के केंद्र सरकार के निर्देश पर विभाग काम कर रहा है। जिले के नौ ब्लॉक में पंचायत स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कृषि, रजास्व और बैंक के कर्मचारी भी उपस्थित रहेंगें। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed