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सांबा सेक्टर में पाकिस्तानी ड्रोन से ही गिराए गए थे हथियार, सुरंग से घुसपैठ होने के पुख्ता संकेत
Mon, 14 Sep 2020 10:41 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 14 Sep 2020 10:41 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर जवाहर टनल के पास से पकड़े गए आतंकियों से बरामद हथियार पाकिस्तानी ड्रोन से सांबा सेक्टर में गिराए गए थे। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बैनगलाड गांव में घुसपैठ के लिए खोदी गई सुरंग का जायजा लेने पहुंचे पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने कहा कि जांच में ड्रोन के जरिये हथियार लाए जाने की बात पुष्ट हुई है।
सुरंग से घुसपैठ पर डीजीपी ने कहा कि हाईवे पर नगरोटा बन टोल प्लाजा के पास आतंकी मुठभेड़ के बाद से सुरंग से घुसपैठ की सूचना थी। सुरक्षा एजेंसियां सुरंग ढूंढ रहीं थीं। बैनगलाड में मिली सुरंग की जांच में पुख्ता संकेत मिले हैं कि इसका घुसपैठ के लिए इस्तेमाल हुआ है। सिंह ने कहा कि अभी इसकी जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते से आतंकी घुसपैठ के लिए सुरंग खोदने की पाकिस्तानी करतूत पहले भी हो रही थी और अब भी जारी है। ऐसी कई और सुरंगों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। डीजीपी ने कहा कि जम्मू के सुंजवां, सांबा, हीरानगर, राजबाग, कठुआ और पठानकोट में आतंकी हमले हो चुके हैं।
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यह क्रम दर्शाता है कि यह क्षेत्र पाकिस्तान के रडार पर रहा है, लेकिन सीमा सुरक्षा बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता से अपना काम कर रही हैं। डीजीपी ने कहा कि बैनगलाड में मिली सुरंग खासी बड़ी है। 2013 में चलियाड़ी क्षेत्र में मिली सुरंग भी बहुत बड़ी थी।
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सुरंग से घुसपैठ पर डीजीपी ने कहा कि हाईवे पर नगरोटा बन टोल प्लाजा के पास आतंकी मुठभेड़ के बाद से सुरंग से घुसपैठ की सूचना थी। सुरक्षा एजेंसियां सुरंग ढूंढ रहीं थीं। बैनगलाड में मिली सुरंग की जांच में पुख्ता संकेत मिले हैं कि इसका घुसपैठ के लिए इस्तेमाल हुआ है। सिंह ने कहा कि अभी इसकी जांच जारी है।
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उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते से आतंकी घुसपैठ के लिए सुरंग खोदने की पाकिस्तानी करतूत पहले भी हो रही थी और अब भी जारी है। ऐसी कई और सुरंगों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। डीजीपी ने कहा कि जम्मू के सुंजवां, सांबा, हीरानगर, राजबाग, कठुआ और पठानकोट में आतंकी हमले हो चुके हैं।
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यह क्रम दर्शाता है कि यह क्षेत्र पाकिस्तान के रडार पर रहा है, लेकिन सीमा सुरक्षा बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां सतर्कता से अपना काम कर रही हैं। डीजीपी ने कहा कि बैनगलाड में मिली सुरंग खासी बड़ी है। 2013 में चलियाड़ी क्षेत्र में मिली सुरंग भी बहुत बड़ी थी।
सुरंग की खुदाई शुरू, सीमेंट के खाली बैग और औजार मिले
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव बैनगलाड की जीरो लाइन के निकट मिली सुरंग की शनिवार को खुदाई शुरू की गई। सूत्रों के अनुसार दो जगहों पर बीस-बीस फीट खुदाई की गई। सुरंग जमीन के नीचे करीब 25 फीट है, जिसकी गोलाई भी तीन से चार फीट है।
खुदाई के दौरान सुरंग से कुछ और सीमेंट के खाली बैग बरामद हुए हैं। वहीं सुरंग खोदने का औजार भी मिला है। इससे यह पुख्ता हो गया है कि सुरंग करीब एक वर्ष पुरानी हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार अभी तक इस बात का सुराग नहीं लगा है कि क्या कभी इस सुरंग से घुसपैठ हुई है या नहीं। इस संबंध में सुरक्षाबल के अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।
खुदाई के दौरान सुरंग से कुछ और सीमेंट के खाली बैग बरामद हुए हैं। वहीं सुरंग खोदने का औजार भी मिला है। इससे यह पुख्ता हो गया है कि सुरंग करीब एक वर्ष पुरानी हो सकती है।
सूत्रों के अनुसार अभी तक इस बात का सुराग नहीं लगा है कि क्या कभी इस सुरंग से घुसपैठ हुई है या नहीं। इस संबंध में सुरक्षाबल के अधिकारी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं।