बोरिया प्लांट से दस लाख गैलन पानी की आपूर्ति ठप
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बाढ़ और बारिश से मची तबाही के सप्ताह भर बाद भी शीतकालीन राजधानी जम्मू शहर और इसके बाहरी इलाकों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से बहाल नहीं हो पाई है।
पीएचई विभाग के फिल्ट्रेशन प्लांटों को नुकसान पहुंचने के अलावा रावी-तावी सिंचाई नहर के बंद पड़े होने से बोरिया फिल्ट्रेशन प्लांट का दस लाख गैलन पानी की आपूर्ति करने वाला दो में से एक इंटेक काम नहीं कर रहा है, जिससे कई इलाकों में पानी की भारी किल्लत हो गई है।
आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तवी में पीएचई विभागों के तीनों फिल्ट्रेशन प्लांट, जिसमें सितली, धोंथली और बोरिया शामिल है। पूरी क्षमता के तहत पेयजल आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं।
शहर के दर्जनभर इलाके प्रभावित
बोरिया फिल्ट्रेशन प्लांट का एक इंटेक जोकि नरवाल, सैनिक कालोनी, छन्नी, भठिंडी, सुंजवा आदि इलाकों में पेयजल आपूर्ति करता है, बहाल नहीं हो पाया है।
पीएचई विभाग के चीफ इंजीनियर सुशील आइमा का कहना है कि बाढ़ के बाद से रावी-तवी सिंचाई नहर के बंद पड़े होने की वजह से करीब 10 लाख गैलन पानी की आपूर्ति करने वाला बोरिया प्लांट का इंटेक काम नहीं कर रहा है।
इससे कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है और टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
बिजली को भी तरस गए कई इलाके
तवी नदी और चिनाब दरिया के अलावा अन्य नालों में आई बाढ़ के बाद से संभाग में कई इलाके बिजली को तरस रहे है। हजारों घरों में करीब सप्ताह भर बाद भी बिजली गुल है या फिर भारी अघोषित कटौती हो रही है। फ्लाएं मंडाल क्षेत्र के करीब 60 गांवों में तवी में आई बाढ़ से बिजली का 33 केवीए ढांचा बह जाने के बाद से बिजली और पानी की सप्लाई बंद पड़ी है।
सप्लाई बहाल करने में विभाग को अभी समय लगेगा। पुंछ, जम्मू और रियासी के करीब 15 रिसीविंग स्टेशनों और अन्य बिजली ढांचे को नुकसान की वजह से अब तक केवल 70 फीसदी बिजली की आपूर्ति ही बहाल हो पाई है। इसके अलावा बेलीचराना की गुज्जर बस्ती में भी बाढ़ के बाद से बिजली गुल पड़ी हुई है। इससे करीब 400 घरों में हजारों लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिजली विभाग की ईएमएंडआरई डिवीजन जम्मू की चीफ इंजीनियर शहनाज गोनी का कहना है कि जम्मू संभाग में बिजली ढांचे को काफी नुकसान हो चुका है। 33 केवीए के कई स्टेशन बंद हैं। इससे बिजली सप्लाई पर सीधा असर पड़ रहा है। कई ट्रांसफार्मर जले होने से भी परेशानी है। विभाग की तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि जल्द से जल्द आपूर्ति को बहाल किया जाए।