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शहर में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने से गहराया संकट
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जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों की दो दिवसीय कामछोड़ हड़ताल के चलते वीरवार को जिले सहित शहर में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। कई स्थानों पर गंदे पानी की भी आपूर्ति हुई है। उधर, अस्थायी कर्मियों ने नरवाल में मांगों के समर्थन में विभाग और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाई है। साथ ही जल्द मांगें पूर्ण नहीं होने शुक्रवार आठ बजे के बाद हड़ताल को बढ़ाने की चेतावनी दी है।
हड़ताल के बाद स्थायी कर्मचारियों ने पानी की आपूर्ति करने का प्रयास किया, लेकिन कई स्थानों पर लोगों को पानी नहीं मिल पाया है। जम्मू के सीतली प्लांट से कई स्थानों पर गंदे पानी की आपूर्ति की गई। हड़ताल में संभाग के 22 हजार अस्थायी कर्मचारी शामिल हुए है। अस्थायी कर्मी यूनियन के वक्ता रवि हंस ने बताया कि मुख्य मांगों में स्थायी करने, 70 माह का बकाया वेतन जारी करने और न्यूनतम 618 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मेहनताना देना शामिल है। मांगों को लेकर वह लंबे समय से सड़कों पर उतर रहे हैं। दो दिवसी हड़ता के दौरान भी सरकार ने बात नहीं की है। अगर जल्द ही मांगें पूर्ण नहीं हुई तो शुक्रवार रात 8 बजे के बाद से हड़ताल और बढ़ा देंगे। इसके लिए विभाग और प्रशासन जिम्मेदार होगा। वीरवार को शहर में पानी की आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित रही। जिन लोगों ने पहले से पानी स्टोर किया हुआ था, वह भी खत्म हो गया। अब हड़ताल खत्म नहीं हुई तो समस्या बढ़ जाएगी।
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हड़ताल के बाद स्थायी कर्मचारियों ने पानी की आपूर्ति करने का प्रयास किया, लेकिन कई स्थानों पर लोगों को पानी नहीं मिल पाया है। जम्मू के सीतली प्लांट से कई स्थानों पर गंदे पानी की आपूर्ति की गई। हड़ताल में संभाग के 22 हजार अस्थायी कर्मचारी शामिल हुए है। अस्थायी कर्मी यूनियन के वक्ता रवि हंस ने बताया कि मुख्य मांगों में स्थायी करने, 70 माह का बकाया वेतन जारी करने और न्यूनतम 618 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मेहनताना देना शामिल है। मांगों को लेकर वह लंबे समय से सड़कों पर उतर रहे हैं। दो दिवसी हड़ता के दौरान भी सरकार ने बात नहीं की है। अगर जल्द ही मांगें पूर्ण नहीं हुई तो शुक्रवार रात 8 बजे के बाद से हड़ताल और बढ़ा देंगे। इसके लिए विभाग और प्रशासन जिम्मेदार होगा। वीरवार को शहर में पानी की आपूर्ति काफी हद तक प्रभावित रही। जिन लोगों ने पहले से पानी स्टोर किया हुआ था, वह भी खत्म हो गया। अब हड़ताल खत्म नहीं हुई तो समस्या बढ़ जाएगी।
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