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Jammu News: दो साल पहले दस करोड़ से डाले भूमिगत पाइप ब्लॉक, नहीं रुका जलभराव
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- पाइपों के मुहाने पर नहीं लगाए गए जाले, ऊपर डाल दिया तारकोल, मलबा भी नहीं हटाया गया
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर भर में दो साल पहले सड़कों के किनारे दस करोड़ की लागत से नालियों में पानी की निकासी के लिए डाले गए भूमिगत पाइप ब्लॉक हो गए हैं। करोड़ों खर्च करने के बाद भी जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। 2021 में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अलग-अलग वार्डों में यह काम किया गया। इसका मकसद बारिश होने पर पानी सीधा नालियों में जाए, लेकिन पाइप अवरुद्ध होने के कारण समस्या जस की तस बनी है। हाल ही में हुई बारिश से जलभराव की स्थिति पूरे शहर में बनी रही। सड़कों और गलियों में पानी जमा हो गया।
काम सही तरीके से न होने के लिए ठेकेदार और विभागीय अधिकारी जिम्मेदार हैं। स्थिति यह है कि भूमिगत पाइपों के मुहाने पर जाले तक नहीं लगाए गए, न ही मलबा हटाया गया। इतना ही नहीं कुछ जगहों में सड़कों पर तारकोल डालने से पाइप अवरुद्ध हो गए। इस कारण बारिश के पानी की निकासी नालियों में नहीं हो पा रही है। पुराने शहर, कैनाल रोड, यूनिवर्सिटी रोड, पनामा चौक, शास्त्री नगर, गांधी नगर समेत कई इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
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समस्या की कहानी, लोगों की जुबानी
जैन बाजार के निवासी मंटू का कहना है कि नालियां बनाने पर काम सितंबर, 2021 में शुरू हुआ। इसे दिसंबर, 2022 में पूरा किया गया। नई नालियां अब मुसीबत बन गई हैं। जगह-जगह ये अवरुद्ध हैं। हाल ही में हुई बारिश से जैन बाजार पानी से लबालब हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी दुकानदारों को हुई है। मोती बाजार के चंदन गुप्ता के अनुसार पुराने शहर में नई नालियां बनाई गई हैं। पानी नालियों से ओवरफ्लो हो रहा है। काम सही तरीके से नहीं हो पाया है। बस स्टैंड के निवासी राजन गुप्ता ने कहा कि बारिश के दौरान बस स्टैंड में भी जलभराव की स्थिति बन रही है। शहरभर में हाल ही में बनाई गई नालियां अवरुद्ध हैं। इस कारण पानी सड़कों पर जमा हो रहा है।
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बारिश होने पर वार्डों में जलभराव की स्थिति रहती है, जो नालियां बनी हैं, इनमें पानी की निकासी नहीं हो पा रही। इस कारण लोग परेशान हैं।
- शौबत अली, पार्षद, वार्ड-74
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कैनाल रोड पर सबसे ज्यादा जलभराव की समस्या रहती है। इसी तरह अन्य सड़कों का भी हाल बेहाल है। काम सही तरीके से होना चाहिए। राशि व्यर्थ खर्च नहीं होनी चाहिए।
- अमित गुप्ता, पार्षद वार्ड-19
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जलभराव क्यों हो रहा है, कारण अधिकारियों से पूछा जाएगा। काम सही तरीके से हो इसके लिए निगरानी रखी जाएगी। लोगों का पैसा व्यर्थ खर्च नहीं होने दिया जाएगा।
- राजिंदर शर्मा, मेयर
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योजनाबद्ध तरीके से नालियों का काम नहीं हो पाया है। काम ठेकेदारों को सौंपा गया, लेकिन अधिकारी इसे देखने तक नहीं आए। नालियां बनाने के बाद भी स्थिति पहले जैसी ही है।
- द्वारका चौधरी, नेता विपक्ष
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नालियों को प्लान के तहत बनवाया गया है। पहले नालियां अवरुद्ध थीं। इस कारण जलभराव होता था। हाल ही में बनी नालियों की जांच करवाई जाएगी। काम सही न होने पर ठेकेदारों से जवाब तलब किया जाएगा।
- राजेश संवरिया, संयुक्त आयुक्त, वर्क्स
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काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। नालियां बनाने का उद्देश्य ही जलभराव को रोकना है। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर भर में दो साल पहले सड़कों के किनारे दस करोड़ की लागत से नालियों में पानी की निकासी के लिए डाले गए भूमिगत पाइप ब्लॉक हो गए हैं। करोड़ों खर्च करने के बाद भी जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। 2021 में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अलग-अलग वार्डों में यह काम किया गया। इसका मकसद बारिश होने पर पानी सीधा नालियों में जाए, लेकिन पाइप अवरुद्ध होने के कारण समस्या जस की तस बनी है। हाल ही में हुई बारिश से जलभराव की स्थिति पूरे शहर में बनी रही। सड़कों और गलियों में पानी जमा हो गया।
काम सही तरीके से न होने के लिए ठेकेदार और विभागीय अधिकारी जिम्मेदार हैं। स्थिति यह है कि भूमिगत पाइपों के मुहाने पर जाले तक नहीं लगाए गए, न ही मलबा हटाया गया। इतना ही नहीं कुछ जगहों में सड़कों पर तारकोल डालने से पाइप अवरुद्ध हो गए। इस कारण बारिश के पानी की निकासी नालियों में नहीं हो पा रही है। पुराने शहर, कैनाल रोड, यूनिवर्सिटी रोड, पनामा चौक, शास्त्री नगर, गांधी नगर समेत कई इलाकों में जलभराव की समस्या रहती है।
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समस्या की कहानी, लोगों की जुबानी
जैन बाजार के निवासी मंटू का कहना है कि नालियां बनाने पर काम सितंबर, 2021 में शुरू हुआ। इसे दिसंबर, 2022 में पूरा किया गया। नई नालियां अब मुसीबत बन गई हैं। जगह-जगह ये अवरुद्ध हैं। हाल ही में हुई बारिश से जैन बाजार पानी से लबालब हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी दुकानदारों को हुई है। मोती बाजार के चंदन गुप्ता के अनुसार पुराने शहर में नई नालियां बनाई गई हैं। पानी नालियों से ओवरफ्लो हो रहा है। काम सही तरीके से नहीं हो पाया है। बस स्टैंड के निवासी राजन गुप्ता ने कहा कि बारिश के दौरान बस स्टैंड में भी जलभराव की स्थिति बन रही है। शहरभर में हाल ही में बनाई गई नालियां अवरुद्ध हैं। इस कारण पानी सड़कों पर जमा हो रहा है।
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बारिश होने पर वार्डों में जलभराव की स्थिति रहती है, जो नालियां बनी हैं, इनमें पानी की निकासी नहीं हो पा रही। इस कारण लोग परेशान हैं।
- शौबत अली, पार्षद, वार्ड-74
कैनाल रोड पर सबसे ज्यादा जलभराव की समस्या रहती है। इसी तरह अन्य सड़कों का भी हाल बेहाल है। काम सही तरीके से होना चाहिए। राशि व्यर्थ खर्च नहीं होनी चाहिए।
- अमित गुप्ता, पार्षद वार्ड-19
जलभराव क्यों हो रहा है, कारण अधिकारियों से पूछा जाएगा। काम सही तरीके से हो इसके लिए निगरानी रखी जाएगी। लोगों का पैसा व्यर्थ खर्च नहीं होने दिया जाएगा।
- राजिंदर शर्मा, मेयर
योजनाबद्ध तरीके से नालियों का काम नहीं हो पाया है। काम ठेकेदारों को सौंपा गया, लेकिन अधिकारी इसे देखने तक नहीं आए। नालियां बनाने के बाद भी स्थिति पहले जैसी ही है।
- द्वारका चौधरी, नेता विपक्ष
नालियों को प्लान के तहत बनवाया गया है। पहले नालियां अवरुद्ध थीं। इस कारण जलभराव होता था। हाल ही में बनी नालियों की जांच करवाई जाएगी। काम सही न होने पर ठेकेदारों से जवाब तलब किया जाएगा।
- राजेश संवरिया, संयुक्त आयुक्त, वर्क्स
काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। नालियां बनाने का उद्देश्य ही जलभराव को रोकना है। लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम