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वीआरएस कर्मियों की पुलिस से धक्कामुक्की
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
Updated Fri, 16 Jan 2015 07:47 PM IST
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लंबित बकाया जारी न होने के विरोध में रोष रैली निकालते हुए राजभवन की ओर जा रहे एसआरटीसी के वालंटियर रिटायर्ड कर्मचारियों को पुलिस ने डोगरा चौक के पास रोक लिया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी धक्कामुक्की भी हुई। वालंटियरों ने कहा कि करीब 742 वीआरएस कर्मचारियों का 30 करोड़ 16 लाख का बकाया जारी करने में बिना वजह देरी की जा रही है।
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आल जेएंडके एसआरटीसी वालंटियर रिटायर्ड इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले निकाली गई रैली में प्रधान देवराज बाली ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने वीआरएस कर्मचारियों के साथ अन्याय किया। आश्वासनों के बावजूद उनका बकाया जारी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि एसआरटीसी के वीआरएस कर्मचारियों को पेंशन नहीं मिलती है।
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ऐसे में बकाया जारी भी न होने से उनके लिए परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल भरा हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने एक जनवरी, 2006 से देय कोला की 126 स्लैब एरियर जारी करने और इसी तिथि से छठे वेतन आयोग का लाभ लंबित एरियर सहित जारी करने की मांग की।
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बाली ने कहा कि राज्यपाल एनएन वोहरा से वीआरएस कर्मचारियों को काफी उम्मीद हैं। वह चाहते हैं कि राज्यपाल इस मामले में हस्तक्षेप करें। रैली में बलविंद्र सिंह, जेडी सिंह, गुलशन सिंह, डीएन शर्मा, सुरजीत सिंह, साईं मोहम्मद, कुलबीर सिंह, सत भूषण आदि मौजूद रहे।
डीए जारी होने की उम्मीद बंधी
लंबे समय से डीए की दो लंबित किश्तों जोकि 17 फीसदी हैं, के जल्द जारी होने की कर्मचारियों और पेंशनरों को उम्मीद बंधी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले सप्ताह 17 फीसदी डीए को मंजूरी प्रदान की जा सकती है। नेशनल मजदूर कांफ्रेंस के प्रधान सुभाष शास्त्री का कहना है कि राज्यपाल एनएन वोहरा से कर्मचारियों को काफी उम्मीद है।
उनका कहना है कि 17 फीसदी डीए जारी होने के बाद महंगाई की मार झेल रहे रियासती कर्मचारियों और पेंशनरों को राहत मिलेगी।