कश्मीर घाटी में भड़की हिंसा, हंदवाड़ा में तनाव के बीच भारी हिंसक प्रदर्शन
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उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हंदवाड़ा में फर्जी मुठभेड़ में युवक को मारे जाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने जमकर बवाल किया। तीन सरकारी वाहनों को आग के हवाले कर दिया। सुरक्षा बलों पर भारी पथराव किया गया। स्थिति को संभालने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए। पैलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया। हिंसक प्रदर्शन में दर्जनभर से अधिक लोग घायल हुए हैं। इनमें तीन को पैलेट इंजरी है। तनाव को देखते हुए मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं।
हंदवाड़ा के हफरुदा जंगल क्षेत्र में मंगलवार को सेना द्वारा कथित रूप से एक फर्जी मुठभेड़ में मारे गए शाहिद बशीर नामक युवक की मौत को लेकर उसके पैतृक गांव तारथपुरा में वीरवार सुबह से ही तनावपूर्ण माहौल बना रहा। गुस्साए लोगों द्वारा युवक के शव को चौक में रखा गया और सेना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई।
इस बीच डीसी कुपवाड़ा और एसएचओ विलगाम ने मौके पर पहुंचकर लोगों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिलाया लेकिन लोगों की मांग थी कि पहले एफआईआर की कॉपी उन्हें दिखाई जाए तभी वह युवक को दफनाएंगे।
सरकारी वाहन में आगजनी, सुरक्षाबलों पर पथराव
डीसी के आश्वासन पर भी लोग नहीं माने। इस बीच प्रदर्शन उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों द्वारा एक सरकारी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। डीसी के एस्कोर्ट की दो अन्य गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचाया। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होता देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे।
कुपवाड़ा के जिला उपायुक्त खालिद जहांगीर ने बताया कि जैसे ही हमें यह पता चला कि कल एक शव बरामद हुआ है तो हमने पुलिस से इस बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस द्वारा एक एनओसी जारी किया गया है जिसमें एसएचओ विलगाम द्वारा यह प्रमाणित किया है कि इस पुलिस स्टेशन के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार शाहिद बशीर मीर किसी भी तरह की देश विरोधी तथा आपराधिक गतिविधियों में शामिल नहीं था। इस संबंध में मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश दिए हैं और एक हफ्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने आश्वासन दिलाया कि जांच निष्पक्ष होगी।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस द्वारा युवक के लापता होने को लेकर धारा 307 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर मुठभेड़ के दौरान शाहिद वहां जंगल में क्या कर रहा था।