अबू कासिम के जनाजे के दौरान भड़की हिंसा
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दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम जिले में मारे गए लश्कर कमांडर अबू कासिम के जनाजे में वीरवार को हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों में कई बार भिड़ंत देखने को मिली।
स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा आंसू गैस के गोले के साथ हवाई फायरिंग भी की गई। कासिम को जिले के बुगाम गांव के स्थानीय कब्रिस्तान में दफनाया गया।
यह भी चर्चा रही कि जनाजे में जुटी भीड़ में कुछ आतंकी भी शामिल थे, जिन्होंने हवाई फायरिंग भी की। कासिम के मारे जाने की खबर सोशल मीडिया तथा अन्य माध्यम से इलाके में फैल गई।
भारी संख्या में दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा, शोपियां, अनंतनाग जिले से लोग कुलगाम पहुंचने लगे। वहीं दूसरी ओर जिले के खांडेपुरा में मुठभेड़ स्थल पर सैकड़ों युवाओं ने एकत्रित होकर सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके।
उनके द्वारा आजादी के हक में नारे भी लगाए गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। बाद में सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ को संपन्न घोषित कर कासिमके शव को दफनाने के लिए स्थानीय मस्जिद औकाफ कमेटी को सौंप दिया गया।
कासिम के जनाजे में हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए। इस दौरान कुछ लोग भारत विरोधी व आजादी के हक में नारेबाजी करते दिखे।
उसके जनाजे के दौरान युवाओं और सुरक्षा बलों के बीच रेडवानी, बुगाम, जियारत रोड के साथ साथ खांडेपुरा में जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली। इस दौरान युवाओं द्वारा पत्थरबाजी भी की गई।
वहीं सीआरपीएफ के प्रवक्ता ने अमर उजाला को बताया कि जिस समय कासिम का जनाजा कुलगाम में स्थित सीआरपीएफ कैंप के बाहर से गुजरा वैसे ही सैकड़ों युवाओं द्वारा कैंप पर धावा बोला गया और जमकर पत्थर बरसाए गए।
लेकिन कैंप में मौजूद जवानों द्वारा संयम बरता गया। जब प्रदर्शन उग्र हो गए तो सीआरपीएफ द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए।
बाद में स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस भी वहां पहुंची। कुलगाम के आसपास के जिलों में कासिम की मौत को लेकर बंद रहा।
हिज्ब सुप्रीमो के संपर्क में भी था अबू कासिम
लश्कर आतंकी अबू कासिम पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के सुप्रीमो सैय्यद सलाहुद्दीन के साथ भी संपर्क में था। वह अक्सर दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा, कुलगाम और उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिलों में सक्रिय पाया जाता रहा है।
इन इलाकों में वह स्थानीय युवाओं को अपने ग्रुप में भर्ती करता था। सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार अबू कासिम दक्षिणी कश्मीर में काफी ज्यादा सक्रिय था और आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के बतौर चीफ पिछले तीन वर्षों से बागडोर संभाल रहा था।
घाटी में अंजाम दिए जाने वाले लगभग सभी वारदातों में कासिम ही मास्टर माइंड था। मौजूदा दौर में कासिम घाटी में अन्य आतंकी संगठनों खासकर हिजबुल मुजाहिदीन से तालमेल बनाए हुए था और उनके साथ मिलकर घाटी में आतंकी मंसूबों को अंजाम दे रहा था।
बुरहान के सक्रिय होने के बाद से हिज्ब और लश्कर में नजदीकियां बढ़ गई थी। इसी कारण मौजूदा आतंकवाद के 2 मुख्य स्तंभ लश्कर चीफ अबू कासिम और हिज्ब का मोस्ट वांटेड कमांडर बुरहान माना जाता था।
कश्मीर रेंज के आईजीपी एसजेएम गिलानी ने बताया कि उसके मारे जाने से घाटी में पनप रहे आतंकवाद को भी एक बहुत बड़ा धक्का पहुंचेगा क्योंकि न सिर्फ वह लश्कर की बागडोर संभाल रहा था बल्कि घाटी में अन्य आतंकी संगठनों के साथ तालमेल भी बनाए था।
पिछले कुछ समय से घाटी में खासकर दक्षिणी कश्मीर में कई आतंकी कमांडर मारे गए हैं और सरहद पार करते समय भी ज्यादातर आतंकियों को भारतीय सीमा में दाखिल होने का मौका भी नहीं मिल पाया है। कासिम को कुलगाम जिले के बुगाम गांव के स्थानीय कब्रिस्तान में दफनाया गया।